
निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी की अपील के बाद तेहरान की सड़कों पर उमड़ी हजारों की भीड़; गूंज रहे हैं 'आजादी' के नारे। (Photo Credit- @IsraelWarRoom)
Iran Protest 2026: ईरान इन दिनों इस्लामिक शासन के प्रति अब तक के सबसे बड़े सत्ता-विरोधी प्रदर्शनों का गवाह बन रहा है। यह आंदोलन जिस तेजी से सिर्फ 12 दिनों में देश के सभी 31 प्रांतों में फैला, उसने ईरान के मुल्ला-मौलवियों की नींद उड़ा दी है। पहले सप्ताह में ही आंदोलन को कुचलने के लिए ईरानी रिवोल्यूनरी गार्ड की तैनाती के लिए मजबूर हो गया। वहीं, प्रदर्शनकारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब उन्होंने सरकारी संपत्तियों को आग लगाना शुरू कर दिया है। इस्फहान में ईरान के सरकारी टीवी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्ट की एक इमारत को आग के हवाले कर दिया। ठीक उसी दौरान दक्षिणी ईरान में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पोर्ट सिटी बंदर अब्बास की सड़कों प्रदर्शनकारियों का भारी भीड़ ने पब्लिक प्रोपर्टी को क्षति पहुंचाई है।
मरकजी प्रांत के शाजंद शहर में प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर भवन को आग लगा दी। वीडियो में प्रदर्शनकारी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और इस्लामिक क्रांति के संस्थापक अयातुल्लाह खुमैनी के खिलाफ नारे लगाते साफ देखे जा सकते हैं। घबराई सरकार ने शुक्रवार को पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है। आम आदमी को मुश्किल से इंटरनेट मिल रहा है। तेहरान के तेहरानपार्स इलाके में बार-बार गोलियों की आवाज सुनी गई। ईरान के फातेमी स्क्वायर पर प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल की बोतलें फेंकी हैं और देर रात तक गृह मंत्रालय की इमारत में घुसने की कोशिश की। शुक्रवार को पहली बार तेहरान के किसी सरकारी भवन को आगे के हवाले किया गया है। तेहरान का हवाईअड्डा बंद कर दिया गया है और कई देशों ने तेहरान के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। वहीं सुरक्षा बलों ने लाइव फायर, पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया है।
अब तक 45 लोग इन प्रदर्शनों के दौरान मारे जा चुके हैं और करीब 2200 आंदोलनकारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। लेकिन इस आंदोलन के दमन का उल्टा असर हो रहा है। आंदोलन में अब हर वर्ग के लोग और दूर-दराज के इलाके भी शामिल हो चुके हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वो भूखे हैं। जबकि 2022 का हिजाब विरोधी आंदोलन मुख्य रूप से शहरों और युवा वर्ग तक सीमित था। जबकि इस बार राजधानी तेहरान से लेकर मशहद, इस्फहान, तबरीज और दर्जनों दूसरे शहरों तक हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और वे मुल्लाओं को जाना होगा के नारे लगा रहे हैं। कोई असर नजर नहीं आ रहा और अब खुद सुप्रीम नेता अली खामेनेई सामने आए और उन्होंने कहा है कि प्रदर्शनकारी ट्रंप को खुश करने को कोशिश कर रहे हैं। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान के पूर्व शासक रजा पहलवी को मिलने के लिए बुलाया है।
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के अपील के बाद हजारों प्रदर्शनकारी तेहरान और दूसरे शहरों में सड़कों पर उतर गए। ईरान की सड़कों पर आजादी-आजादी और खामेनेई मुर्दाबाद के नारे लगाए जा रहे थे। कुछ जगहों पर निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के पोस्टर भी देखे गए हैं।
Published on:
10 Jan 2026 04:23 am
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