
Iran–Israel war
Iran–Israel War: मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ शुरू किया गया सैन्य अभियान अब और तेज हो गया है। रविवार देर रात इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर कई बड़े हमले किए, जिनसे पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन हमलों में तेहरान के एक बड़े फ्यूल डिपो को निशाना बनाया गया। हमला इतना जोरदार था कि वहां भीषण आग लग गई और आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार फैल गया। शहर के कई इलाकों में देर रात तक धुआं छाया रहा। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूरे इलाके में जलते तेल की तेज गंध महसूस हो रही थी। ईरान की ऑयल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के मुताबिक इस हमले में उनके चार कर्मचारियों की जान चली गई। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन हालात काफी देर तक काबू में नहीं आ सके। रविवार सुबह भी शहर के ऊपर धुएं की मोटी परत देखी गई।
इन हमलों के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अब तेहरान मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर अपने हमले और तेज कर सकता है। इससे पहले उन्होंने खाड़ी के पड़ोसी देशों से माफी भी मांगी थी, क्योंकि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों के कारण उनके इलाकों में भी नुकसान की खबरें आई थीं। लेकिन ताजा हालात को देखते हुए अब ईरान का रुख फिर से सख्त दिखाई दे रहा है। उधर खाड़ी देशों ने भी दावा किया है कि ईरान की तरफ से नई मिसाइलें दागी गई हैं। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
देश की धार्मिक संस्था “असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स” ने संकेत दिया है कि उसने तय कर लिया है कि अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद नया सुप्रीम लीडर कौन होगा। खामेनेई की मौत युद्ध के पहले ही दिन अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में हो गई थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नया सुप्रीम लीडर ऐसा नेता हो सकता है जो अमेरिका को बिल्कुल पसंद न हो। अगर ऐसा हुआ तो मिडिल ईस्ट में टकराव और गहरा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच इजरायल ने भी बेहद कड़ी चेतावनी दी है। इजरायली सेना यानी आईडीएफ का कहना है कि जो भी व्यक्ति खामेनेई की जगह नया सुप्रीम लीडर बनेगा, उसे भी निशाना बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं, इजरायल ने यह भी कहा है कि वह उस हर व्यक्ति को टारगेट करेगा जो नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया में शामिल होगा।
आईडीएफ के बयान में यह भी कहा गया कि “असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स” के सदस्य भी इस दायरे में आ सकते हैं। इस चेतावनी ने पूरे इलाके में चिंता और बढ़ा दी है।
Published on:
09 Mar 2026 03:51 am
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