
फोटो में फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और US के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ सैनिक से हाथ मिलाते हुए (सोर्स: ANI)
Middle East War Update: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान अब खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। अमेरिका एक तरफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे रहा है तो वहीं ईरान भी एक कदम पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा है। उसका साफ कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ है, लेकिन जो भी देश अमेरिका के साथ में उनके लिए रास्ते बंद है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए US के डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने साफ शब्दों में ईरान को चेतावनी दी है कि इस अहम समुद्री रास्ते को कारोबार के लिए खुला रखा जाए, वरना अमेरिका के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं।
बता दें होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही बढ़ी है और हालात पर नजर रखी जा रही है। हालांकि यह चेतावनी साफ संकेत देती है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
US के डिफेंस सेक्रेटरी ने ज़ोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट एक इंटरनेशनल वॉटरवे है और इसे सिर्फ US की ज़िम्मेदारी नहीं समझना चाहिए।
उन्होंने कहा, "दुनिया को ध्यान देना चाहिए… यह सिर्फ यूनाइटेड स्टेट्स का मामला नहीं है, दूसरी ताकतों को समुद्री ट्रैफिक को सुरक्षित करने में मदद करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
हेगसेथ ने चल रही बड़ी मिलिट्री कोशिशों की ओर भी इशारा किया, जिसमें ईरान की नेवी की काबिलियत जैसे माइन-लेइंग सिस्टम, कोस्टल क्रूज़ मिसाइल और अनमैन्ड एरियल सिस्टम को टारगेट करना शामिल है।
उन्होंने कहा, “हम शुरू से ही उन क्षमताओं को कमज़ोर करने और हराने और उनके ऑप्शन को कम करने पर फोकस कर रहे हैं।”
US अधिकारियों ने बताया कि वॉटरवे को सुरक्षित रखने के लिए दिखने वाले और बिना बताए, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं, जो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक अहम ट्रांजिट रूट बना हुआ है।
हेगसेथ ने आगे कहा, “हम बहुत कुछ कर रहे हैं… जिनमें से कुछ के बारे में पता है, कुछ के बारे में पता नहीं है कि वे हालात कैसे तय करते हैं।”
US ने बार-बार चेतावनी दी है कि स्ट्रेट को खतरा होने पर कड़ी प्रतिक्रिया होगी, जो ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी और समुद्री स्थिरता में इसकी अहम भूमिका को दिखाता है।
Updated on:
31 Mar 2026, 11:24 PM IST
Published on:
31 Mar 2026, 11:24 PM IST
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