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Shocking Execution: ईरान में इरफान सोलतानी को फांसी, आखिरी विदाई के लिए मिले सिर्फ 10 मिनट!

Protest:ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के बीच 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को फांसी। बिना वकील और निष्पक्ष सुनवाई के दी गई मौत की सजा, दुनिया भर में आक्रोश।

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भारत

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MI Zahir

Jan 14, 2026

Iran Protester Irfan Soltani Execution

ईरान में प्रदर्शनकारी इरफ़ान सोल्तानी को फांसी की सजा। (फोटो: X Handle/ @MDGMarmarisdoga)

Hanging: ईरान से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आ रही है। अयातुल्ला अली खामेनेई शासन के खिलाफ उठ रही विरोध की आवाजों (Iran Anti-Khamenei Protests)को दबाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। 26 वर्षीय ईरानी युवक इरफान सोलतानी (Irfan Soltani Death Sentence)को आज सार्वजनिक रूप से फांसी दी जा रही है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि गिरफ्तारी से लेकर फांसी के फैसले तक की प्रक्रिया इतनी तेज रही कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी हैरान हैं। इरफान सोलतानी के परिवार के लिए पिछला एक हफ्ता किसी बुरे सपने जैसा रहा है। गिरफ्तारी के बाद कई दिनों तक परिवार को यह भी पता नहीं था कि इरफान कहाँ है। अचानक शासन की ओर से एक संदेश आया, जिसमें आरोपों या अदालती कार्रवाई की जानकारी देने के बजाय सीधे मौत की सजा का फरमान सुना दिया गया। प्रशासन ने परिवार को अंतिम विदाई के लिए महज 10 मिनट का समय दिया। परिजनों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने इस बारे में किसी से बात की, तो परिवार के अन्य सदस्यों को भी सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा।

क्या है 'मोहरेबेह' और फांसी की वजह ? (Moharebeh Charge)

8 जनवरी को गिरफ्तार किए गए इरफान पर 'मोहरेबेह' यानि 'ईश्वर के विरुद्ध शत्रुता' का आरोप लगाया गया है। ईरान के कड़े कानूनों में यह सबसे गंभीर अपराध माना जाता है, जिसकी सजा सिर्फ मौत है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौजूदा विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुनाई गई पहली मौत की सजा है, जिसे महज एक सप्ताह के अंदर अंजाम दिया जा रहा है। शासन का उद्देश्य इस त्वरित कार्रवाई के जरिये प्रदर्शनकारियों के बीच दहशत पैदा करना है।

बिना कानूनी प्रक्रिया के 'न्यायिक हत्या'?

कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस फांसी को "क्षेत्रीय फांसी" (Summary Execution) का नाम दिया है। आरोप है कि सोलतानी को न तो अपना वकील चुनने का मौका दिया गया और न ही उसे निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार मिला। 20 दिनों से चल रहे खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के बीच, यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ईरानी सत्ता अब बल प्रयोग के माध्यम से असहमति की हर आवाज कुचलने के लिए तैयार है।

मानवाधिकार संगठनों ने निंदा की

एमनेस्टी इंटरनेशनल और कई वैश्विक संगठनों ने इसे 'न्याय का गला घोंटना' करार दिया है। सोशल मीडिया पर #StopExecutionsInIran जैसे ट्रेंड्स के माध्यम से दुनिया भर के लोग इस सजा का विरोध कर रहे हैं।

ईरानी जनता में आक्रोश

इस फांसी की खबर ने ईरान के भीतर गुस्से की आग को और भड़का दिया है। कई शहरों में लोग डरने के बजाय और अधिक संख्या में सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

ईरान पर लग सकते हैं नए प्रतिबंध

इरफान सोलतानी की फांसी के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान पर नए आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद इस मामले में एक आपातकालीन सत्र बुला सकती है। आने वाले कुछ घंटों में तेहरान और अन्य बड़े शहरों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर सकता है, क्योंकि इस फांसी के विरोध में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन होने की आशंका है।

आंतरिक सुरक्षा और युवाओं में टकराव के हालात

बहरहाल, इस मामले का एक गहरा पहलू ईरान की आंतरिक सुरक्षा और युवाओं की आकांक्षाओं के बीच का टकराव है। 26 साल के सोलतानी जैसे युवा बदलाव की मांग कर रहे हैं, जबकि सत्ता अपनी जड़ें बचाने के लिए मध्यकालीन कानूनों का सहारा ले रही है। क्या यह फांसी प्रदर्शनों को रोक पाएगी या यह खामेनेई शासन के पतन की शुरुआत का 'फ्लैशपॉइंट' साबित होगी? इतिहास गवाह है कि जब संवाद के रास्ते बंद हो जाते हैं और केवल दंड बचता है, तो जनाक्रोश और अधिक अनियंत्रित हो जाता है।