इस बीच भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भी अमेरिका के इरादों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान को शुरू से ही अमेरिका की बातचीत की मंशा पर संदेह रहा है। उनके मुताबिक, अमेरिका एक तरफ बातचीत की बात करता है, तो दूसरी तरफ सैन्य दबाव बनाकर अपनी शर्तें मनवाना चाहता है। इलाही ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका का रवैया विरोधाभासी है। एक ओर वह इसे खुला रखने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर नाकेबंदी की तैयारी करता है।