
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन। फोटो:
Iran President : मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव (Middle East Crisis) और विनाशकारी युद्ध के बीच एक बहुत बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। ईरान ने अपने आक्रामक रुख में अचानक कूटनीतिक नरमी लाते हुए एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शुक्रवार को अपने सभी पड़ोसी देशों से आधिकारिक तौर पर माफी मांगी (Iran Apologizes) है। इसके साथ ही, ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने यह अहम ऐलान किया है कि उनका देश अब किसी भी पड़ोसी मुल्क (Iran Neighbours) पर अपनी तरफ से कोई मिसाइल या सैन्य हमला नहीं करेगा। इसे अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे भयंकर युद्ध (US Israel War) के बीच शांति की तरफ उठाया गया पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
ईरान ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह अपनी तरफ से खाड़ी देशों को निशाना नहीं बनाएगा। हालांकि, इसके साथ एक बड़ी शर्त भी रखी गई है। तेहरान ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी पड़ोसी देश की जमीन या उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया जाता है, तो वह आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होगा। यह बयान मुख्य रूप से उन देशों के लिए एक कूटनीतिक संदेश है, जहां बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं।
बीते दिनों अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए अभूतपूर्व हवाई हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में खलबली मची हुई थी। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में ईरान ने भी कतर के दोहा समेत कई जगहों पर जवाबी हमले किए थे, जिसके बाद आसमान में धुएं का गुबार उठता देखा गया था। इन घटनाओं से ऐसा लगने लगा था कि पूरा अरब क्षेत्र एक भयानक युद्ध की आग में भस्म हो जाएगा। लेकिन, इस नए ऐलान से युद्ध की यह आग फिलहाल कुछ ठंडी होती नजर आ रही है।
ईरान के इस 'सॉरी' और बिना उकसावे के हमले न करने के वादे पर अरब और खाड़ी देशों के खेमे में फिलहाल एक सतर्क खामोशी है। कतर, सऊदी अरब, और यूएई जैसे देशों के लिए यह बयान एक फौरी राहत लेकर आया है, क्योंकि ये मुल्क अपनी सुरक्षा और व्यापार को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित थे। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का साफ मानना है कि कोई भी पड़ोसी देश ईरान के इस वादे पर आंख मूंदकर भरोसा करने की गलती नहीं करेगा और वे अपनी सैन्य सतर्कता तथा एयर डिफेंस को हाई अलर्ट पर ही रखेंगे।
उधर जमीनी हालात ये हैं कि मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्र एक बड़े संकट में घिर गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के पहले सप्ताह में ईरान के अंदर 3,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया गया है, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। इज़राइली और अमेरिकी हमलों में ईरान के इस्फहान प्रांत में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 80 घर क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि ईरान की ओर से किए गए हमलों के कारण दुबई हवाई अड्डे पर एक विस्फोट और मलबे की घटना सामने आई है, साथ ही अबू धाबी हवाई अड्डे और अन्य प्रमुख स्थानों पर भी ड्रोन हमले हुए हैं। इस बीच, ईरान ने दावा किया है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है, और इस भयंकर संघर्ष के कारण ईरान में 1,000 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।
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Updated on:
07 Mar 2026 01:54 pm
Published on:
07 Mar 2026 01:50 pm
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