26 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईरानी से जुड़े टैंकर को अमेरिका ने हेलिकॉप्टर से घेरकर रोका, हॉर्मुज में अब तक 37 जहाजों ने लिया यू-टर्न

US Blockade In Strait Of Hormuz: अमेरिका ने M/V Sevan नाम के जहाज को रोका, जिसे ईरान की ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा बताया गया। USS Pinckney की कार्रवाई में हेलीकॉप्टर से रोककर जहाज को वापस ईरान की ओर भेजा गया।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Apr 26, 2026

Ships in Strait of Hormuz

होर्मुज स्ट्रेट के गुजरते हुए जहाज। (सांकेतिक इमेज-IANS)

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में एक संदिग्ध जहाज को रोककर वापस ईरान की ओर भेज दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी लगातार सख्त की जा रही है।

‘शैडो फ्लीट’ पर शिकंजा

जिस जहाज को रोका गया, उसका नाम M/V Sevan है। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज ईरान की तथाकथित 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा है।

यह फ्लीट उन जहाजों का नेटवर्क माना जाता है, जो प्रतिबंधों के बावजूद तेल और गैस जैसे ऊर्जा उत्पादों को दूसरे देशों तक पहुंचाने का काम करते हैं। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इस ऑपरेशन को गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Pinckney (DDG 91) ने अंजाम दिया।

जहाज को पहले हेलीकॉप्टर की मदद से रोका गया और फिर उसे अमेरिकी नौसेना की निगरानी में वापस ईरान की दिशा में भेजा गया। CENTCOM ने बताया कि जहाज ने बिना किसी विरोध के अमेरिकी निर्देशों का पालन किया।

37 जहाज पहले ही लौटाए जा चुके

अमेरिका ने साफ किया है कि यह कार्रवाई कोई अकेली घटना नहीं है। नाकाबंदी शुरू होने के बाद अब तक 37 जहाजों को रास्ते से वापस भेजा जा चुका है। इनमें कई ऐसे जहाज शामिल हैं, जिन पर ईरान से जुड़े होने का शक था या जो उसके बंदरगाहों से जुड़े थे।

किन चीजों की हो रही थी सप्लाई?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, ऐसे जहाज तेल, गैस, प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे ऊर्जा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में शामिल थे। इन्हीं गतिविधियों को रोकने के लिए अमेरिका लगातार अपनी निगरानी और कार्रवाई बढ़ा रहा है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान

उधर, पीट हेगसेथ ने कहा कि यह नाकाबंदी अब सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि ओमान की खाड़ी से आगे अन्य समुद्री क्षेत्रों तक फैलाई जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका एक तरफ कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन दूसरी तरफ सैन्य दबाव बनाए रखने से पीछे नहीं हटेगा।

कुछ जहाजों को मिली अनुमति

अमेरिका ने यह भी बताया कि सभी जहाजों को नहीं रोका जा रहा। जांच के बाद 30 से ज्यादा गैर-ईरानी जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई है। इससे साफ है कि कार्रवाई केवल संदिग्ध जहाजों पर ही की जा रही है।

तनाव के बीच बढ़ती सैन्य मौजूदगी

अमेरिका जल्द ही इस क्षेत्र में एक और एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात करने की तैयारी में है। इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में समुद्र में सैन्य गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

एक तरफ अमेरिका ईरान को बातचीत का विकल्प दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ सख्त कार्रवाई भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि ईरान के पास समझौते का मौका है, लेकिन अगर वह नहीं मानता तो दबाव और बढ़ाया जाएगा।