
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई का निधन (Photo-X @MarioNawfal)
Student Protests in Iran: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को कुचलने के कुछ हफ्तों बाद एक बार फिर छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्रों ने नारेबाजी कर धार्मिक शासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। पिछले महीने हुए बड़े विरोध प्रदर्शन पर सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत की खबरें सामने आई थीं।
राजधानी तेहरान के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में बड़ी संख्या में छात्रों की भीड़ जुटी, जहां प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुईं। इन झड़पों के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में लोगों को नारे लगाते हुए दिखाया गया है। बताया जा रहा है कि सरकार से जुड़े अर्धसैनिक बलों—विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स—को प्रदर्शन दबाने के लिए भेजा गया।
कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को हत्यारा नेता बताते हुए देखा गया। वहीं, कुछ लोगों ने निर्वासित शहजादे रेज़ा पहलवी को देश में राजशाही बहाल करने के लिए वापस आने की अपील भी की।
तेहरान के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों तथा पूर्वोत्तर शहर मशहद में स्थित मशहद यूनिवर्सिटी में भी प्रदर्शन की खबरें हैं। पश्चिमी शहर अबदानान में एक शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद लोगों ने 'खामेनेई मुर्दाबाद' और 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारे लगाए।
बता दें कि यह विरोध दिसंबर में बढ़ते आर्थिक संकट के कारण शुरू हुआ था, लेकिन बाद में यह व्यापक सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गया। सरकार का दावा है कि हिंसा विदेशी ताकतों द्वारा भड़काए गए आतंकवादी कृत्यों का परिणाम है और लगभग 3,000 लोगों की मौत हुई। वहीं मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि मृतकों की संख्या 7,000 से अधिक हो सकती है।
ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल विरोध प्रदर्शनों को हवा दे रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी, हालांकि बाद में उनका ध्यान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित हो गया। दोनों देशों के बीच मध्यस्थता से बातचीत फिर शुरू हुई है, लेकिन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी गई है, जिससे तनाव बरकरार है।
Updated on:
22 Feb 2026 02:25 pm
Published on:
22 Feb 2026 02:25 pm
