
मौलवी मोहम्मद अनवर रीगी की हत्या, photo- IQ TV
Iran Terror Attack: ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के मिर्जावेह शहर में अज्ञात बंदूकधारियों ने दिग्गज सुन्नी समुदाय के नेता मौलवी मोहम्मद अनवर रीगी की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। यह घटना शहर की अली इब्न अबी तालिब मस्जिद में हुई। मौलवी अनवर जुमे की नमाज की अगुवाई करते थे।
सिस्तान प्रांत के नजदीक मिर्जावेह शहर में कुछ अज्ञात हमलावरों ने जुमे की नमाज के दौरान सुबह 4 बजे मस्जिद में घुसकर मौलवी पर गोलीबारी की। यह क्षेत्र लंबे समय से सुन्नी उग्रवादियों और ईरान के सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। स्थानीय अधिकारियों का हवाला देते हुए सरकारी मीडिया ने इस हत्या की पुष्टि की है। सिस्तान और बलूचिस्तान को ईरान के सबसे अशांत प्रांतों में से एक माना जाता है।
ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के स्थानीय प्रशासन ने इस हमले को पूरी तरह से आतंकी साजिश करार दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य पहले से ही बाहरी हमलों से जूझ रहे ईरान में शिया-सुन्नी सांप्रदायिक विभाजन (Sectarian Divisions) को भड़काना है। हालांकि सुरक्षा बलों ने घटना के बाद स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत आर्थिक रूप से बेहद गरीब और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है जहां बड़े पैमाने पर सुन्नी बलूच आबादी रहती है। अमेरिकी हमलों के बीच सुन्नी मौलवी मोहम्मद अनवर रीगी की हत्या की घटना से ईरान के सामने अब बाहरी युद्ध के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा और चरमपंथी ताकतों से निपटने की दोहरी चुनौती का सामना करने की स्थिति खड़ी हो गई है।
ईरानी सरकार के खिलाफ अपने आलोचनात्मक रुख के कारण ईरानी खुफिया एजेंसियों ने सुन्नी धर्मगुरू मोहम्मद अनवर रीगी को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था। धर्मगुरु खुफिया एजेंसियों के निशाने पर रहे थे। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने धर्मगुरु की हत्या को आंतकी साजिश करार दिया है। रीगी बलूच समुदाय के एक मौलवी थे। ईरान में सुन्नी आबादी वाले क्षेत्रों खासकर बलूचिस्तान में वे स्थानीय स्तर पर धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे।
Updated on:
20 Jul 2026 03:33 pm
Published on:
20 Jul 2026 03:16 pm
