
मोजतबा खामेनेई। (Photo-X)
US-Israel-Iran conflict: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले का आज 25वां दिन है, लेकिन मौजूदा संघर्ष थमता हुआ नहीं दिख रहा है। एक ओर इजरायल और अमेरिका के हमले जारी हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान भी करारा जवाब दे रहा है। इस युद्ध के चलते दुनिया भर के देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। गैस और तेल की कमी के कारण इनके दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ा है। इसी वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच ईरान की सुरक्षा परिषद ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कहा है कि गैर-शत्रुतापूर्ण जहाजों (नॉन-हॉस्टाइल वेसल्स) का होर्मुज स्ट्रेट से गुजरना अब ईरानी अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजरायल उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाते हैं, तो ईरानी बल तत्काल और निर्णायक जवाब देंगे।
ईरान ने अमेरिका सहित दुनिया के अन्य देशों को आगाह करते हुए यह भी कहा है कि यदि उसके द्वीपों या तटीय क्षेत्रों पर हमला किया गया, तो वह प्रमुख व्यापारिक मार्गों पर विभिन्न प्रकार की नौसैनिक बारूदी सुरंगें बिछा सकता है। ईरान के अनुसार, ऐसा कदम उठाना अंतरराष्ट्रीय कानून और सैन्य दृष्टि से स्वीकार्य होगा। साथ ही उसने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी रक्षात्मक कार्रवाई के दौरान फारस की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों को रोका जा सकता है, जिससे स्थिति होर्मुज स्ट्रेट जैसी गंभीर हो सकती है। ईरान ने यह भी कहा कि यदि समुद्री गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर होगी।
वहीं, मुंबई स्थित ईरानी महावाणिज्यदूत सईद रजा मोसयेब मोतलाघ ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्या इस संघर्ष से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक संकट के लिए ईरान जिम्मेदार है? उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, किसी भी परिस्थिति में नहीं। हम पर हमला करने वाले अमेरिका और इजरायल ही इसके लिए जिम्मेदार हैं। हमने जो भी कार्रवाई की है, वह पूरी तरह से आत्मरक्षा के तहत की है। ईरान पर हमले के कारण ही स्थिति बिगड़ी है।
Published on:
24 Mar 2026 09:00 am
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