
ईरानी राष्ट्रपति-मसूद पेजेशकियन(फोटो-ANI)
Masoud Pezeshkian: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ 'फुल स्केल वॉर' की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका भी इस संघर्ष का हिस्सा बन चुकी है। साथ ही उन्होंने माना कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा की इस राह पर ईरान को इसके स्वाभाविक परिणाम भी स्वीकार करने होंगे।
ईरान की सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि इस समय इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान एक 'पूर्ण युद्ध' का सामना कर रहा है। उनके मुताबिक, विरोधी अब इस निष्कर्ष पर पहुंच चुके हैं कि केवल सैन्य हमलों से ईरानी जनता को झुकाया नहीं जा सकता। ईरान की समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा कि अब देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की आजीविका दुश्मनों के साथ टकराव का मुख्य मोर्चा बन गई है।
हालिया संघर्ष में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनके बलिदान ने देश के नेतृत्व की जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के विरोधी विभिन्न तरीकों से देश की प्रगति रोकने की कोशिश कर रहे हैं और नहीं चाहते कि इस क्षेत्र में एक स्वतंत्र, मजबूत और सफल राष्ट्र आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि बाहरी चुनौतियों के साथ-साथ देश के भीतर मौजूद समस्याओं का समाधान भी उतना ही जरूरी है और इन दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करना आसान नहीं है।
पेजेशकियन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय एकता, आपसी समझ और साझा सोच सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार देश में समन्वय और सहयोग को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी रहे मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और अलीरेजा जाकानी भी अब सरकार के साथ मिलकर देश के शासन में सहयोग कर रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने उनका आभार जताया।
राष्ट्रपति ने हालिया बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान ने किसी भी समझौते में अपने अधिकारों, सिद्धांतों, राष्ट्रीय हितों या क्रांतिकारी मूल्यों से समझौता नहीं किया है।उन्होंने दावा किया कि 14 बिंदुओं वाले समझौते में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिससे केवल अमेरिका को एकतरफा लाभ मिला हो। उनके अनुसार, समझौते के कई महत्वपूर्ण पहलू ईरान के पक्ष में रहे हैं।
पेजेशकियन ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और देश की सुरक्षा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस रास्ते पर कोई संदेह नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस नीति के स्वाभाविक परिणामों और उसकी कीमत को देश को स्वीकार करना होगा।
Updated on:
20 Jul 2026 08:26 pm
Published on:
20 Jul 2026 08:26 pm
