
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)
US-Iran Tension: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और सैन्य दबाव का दौर जारी है। इसी बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर टकराव और गहरा गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग को अभी नहीं खोलेगा। ईरान का कहना है कि अमेरिका को पहले अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करनी होंगी और अपना रवैया बदलना होगा।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी दावों के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। अमेरिका के व्यवहार में बदलाव होने तक इसे नहीं खोला जाएगा।
रेजाई ने अमेरिका पर आर्थिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन सैन्य विकल्पों से निराश हो चुका है। अब वह आर्थिक नाकेबंदी के जरिए ईरान पर दबाव बढ़ाना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भरोसा दिलाया है कि आर्थिक नाकेबंदी से ईरान को झुकाया जा सकता है। हालांकि, ईरान ने इस दबाव के आगे झुकने से इनकार किया है।
रेजाई ने कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इस दौरान उसने प्रतिबंधों से बचने और तेल बेचने के तरीके विकसित किए हैं। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक दबाव से ईरान की नीतियां नहीं बदलेंगी। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़े आर्थिक अभियान की घोषणा की है। ट्रंप ने इसे ईरान पर अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई बताया है। उन्होंने सहयोगी देशों से भी ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अपील की है।
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने इसे फिलहाल “अमेरिकी क्षेत्र” बताया है। साथ ही कहा कि इस जलमार्ग पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अंतिम फैसला ईरान के हितों के आधार पर होगा।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने भी कहा है कि अमेरिका की प्रतिबद्धताएं पूरी होने तक रास्ता नहीं खुलेगा। ईरान ने नाकेबंदी हटाने, जब्त संपत्तियां जारी करने और तेल प्रतिबंधों में राहत जैसी मांगें रखी हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में शामिल है। यहां लंबे समय तक संकट रहा तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है।
Updated on:
23 Aug 2026 07:15 am
Published on:
23 Aug 2026 07:15 am
