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Iran US War Latest News: होर्मुज बंद, बातचीत ठप! ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं ऐसी शर्तें, बढ़ी दुनिया की टेंशन

Iran US war: शांति वार्ता की मेज तक पहुंचने से पहले ही दोनों देशों ने अपनी-अपनी शर्तें सामने रख दी हैं। समुद्री व्यापार, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अब इस टकराव को नया मोड़ दे रहे हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 21, 2026

Iran America peace talks

Iran America peace talks : ईरान-अमेरिका टकराव में नया मोड़! होर्मुज से ब्रिटेन तक मचा हलचल, क्या है पूरा मामला? (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Iran US War Latest News: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच शांति की उम्मीदें फिर से धुंधली हो गई हैं। वॉशिंगटन साफ कर चुका है कि वह तेहरान पर दबाव बनाए रखेगा, जबकि ईरान खुलकर कह रहा है। जब तक प्रतिबंध नहीं हटते, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। ऊपर से होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव, इराक की सीमाओं पर नई पाबंदियां और यमन से लेकर ब्रिटेन तक सुरक्षा के ताजा मुद्दों ने हालात और उलझा दिए हैं।

Iran America Peace Talks: बातचीत से पहले शर्तों की दीवार, अमेरिका और ईरान आमने-सामने

अमेरिका और ईरान दोनों ही अपनी-अपनी शर्तों को लेकर अड़े हैं, जो बातचीत के रास्ते में दीवार बन चुकी हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खुद कहा कि इस वक्त ईरान से कोई शांति समझौता करना बेहद मुश्किल है। उनका कहना है, जब तक ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाता रहेगा, दबाव बना रहेगा यहां किसी नरमी की गुंजाइश नहीं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी साफ कर दिया कि अमेरिका जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उनका कहना है कि वॉशिंगटन की पहली कोशिश यही है कि ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल न करने पाए।

US Iran tensions: तेहरान बोला-पहले हटें प्रतिबंध, फिर होगी बात

ईरान की तरफ से भी कोई नरमी नहीं दिख रही। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका पर भरोसा न होने की बात दोहराई और तीन टूक कह दिया पहले आर्थिक प्रतिबंध खत्म करो, फिर बात होगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची तो और आगे गए; उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान की शर्तें नहीं मानता, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद ही रहेगा। हां, पाकिस्तान और कतर के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत जरूर जारी है।

इन खींचतान का असर दूसरे देशों में भी दिखने लगा है। इराक के एक अधिकारी बताते हैं कि प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने ईरान से जुड़ी शिब सीमा चौकी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आदेश दे दिया है और बाकी सीमाएं भी धीरे-धीरे बंद की जा रही हैं। क्यों बंद कर रहे हैं, इसका कोई खुलासा नहीं हुआ।

इराक से यमन तक सुरक्षा चुनौतियां

यमन में भी हालात शांत नहीं हैं। वहां की सरकारी सेना का दावा है कि पिछले 24 घंटे की झड़पों में हूती गुट के करीब 200 लड़ाके निष्क्रिय कर दिए गए। उन्होंने ताइज़ प्रांत में हूती के कई हमले नाकाम करने की भी बात कही, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

ब्रिटेन में भी ईरान से जुड़े कथित साजिश की जांच

ब्रिटेन में भी ईरान से जुड़े एक कथित साजिश की जांच चल रही है। वहां की पुलिस ने अमेरिकी सेना के इस्तेमाल वाले RAF ठिकाने पर साजिश के आरोप में दो लोगों को दोबारा हिरासत में लिया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने बयान दिया है कि उन्हें लगभग पक्का विश्वास है कि इसके पीछे ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का हाथ है, हालांकि जांच पूरी होने तक ये सिर्फ एक आरोप है।

होर्मुज पर तनाव का असर दुनिया तक पहुंच सकता है

ये सारी उठा-पटक केवल क्षेत्रीय संकट तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य तो पूरी दुनिया के लिए अहम है, खासकर ऊर्जा के मामले में। अगर यहां जहाजों की आवाजाही रुकी या दिक्कत आई, तो तेल और गैस के दाम बढ़ सकते हैं। भारत जैसे देश, जो बाहर से ऊर्जा खरीदते हैं, उनके लिए ये गंभीर चिंता का कारण बन सकता है।

फिलहाल सच यही है कि अमेरिका अभी परमाणु और क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों में सख्त है और ईरान अड़ा है कि पहले सारे प्रतिबंध हटाए जाएं, तभी आगे बात होगी। जब तक ये दोनों अपने बुनियादी मतभेद दूर नहीं करते, शांति के रास्ते में बड़ी बाधाएं बनी रहेंगी।