
कतर के प्रधानमंत्री (फोटो- एएनआई)
Iran-US-War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है, जिसका असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है और नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसी बीच कतर के गृह मंत्रालय ने देश में सुरक्षा खतरे का स्तर बढ़ने की पुष्टि करते हुए सभी लोगों से घरों और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। सरकार ने कहा कि नागरिक आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें। इस चेतावनी के बाद पूरे क्षेत्र में सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
कतर के गृह मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा क्षेत्रीय हालात को देखते हुए देश में सुरक्षा खतरे का स्तर काफी बढ़ गया है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और अपने घरों या सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। अधिकारियों के अनुसार यह कदम क्षेत्र में तेजी से बदलती सुरक्षा स्थिति और संभावित जोखिमों को देखते हुए उठाया गया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण कई देशों ने अपनी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर पड़ोसी देशों पर भी लगातार बढ़ रहा है।
अमेरिका ने लगातार छठी रात भी ईरान के खिलाफ हवाई हमले जारी रखे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अभियान शुरू होने की पुष्टि की, हालांकि हमलों के लक्ष्यों या नुकसान का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया। दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, सीरिक, बुशेहर और खामिर बंदरगाह के आसपास बिजली ढांचे, रेलवे स्टेशन, पुलों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की खबर है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार बंदर-ए-खामिर पुल पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है जबकि नौ लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, हालांकि कुछ क्षेत्रों में बाद में आपूर्ति बहाल कर दी गई। इरानशहर हवाई अड्डे और आवासीय इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
ईरान की सेना ने दावा किया कि उसने बहरीन के साखिर सैन्य अड्डे पर मौजूद अमेरिकी हेलीकॉप्टर और टोही विमानों को निशाना बनाया है। इसके बाद बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। कुवैत ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जवाब में कार्रवाई करने की बात कही है। दूसरी ओर ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रैट अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में कभी नहीं लौटेगा। वहीं अमेरिकी नौसेना ने स्पष्ट किया कि उसकी कार्रवाई मुख्य रूप से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री आवाजाही पर केंद्रित है और व्यावसायिक जहाजों को एस्कॉर्ट नहीं दिया जा रहा। इस बीच कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने यरुशलम में दूतावास खोलने और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजरायल के खिलाफ चल रहे मामले से अपने देश की भागीदारी वापस लेने की घोषणा कर क्षेत्रीय कूटनीतिक चर्चा को भी नया मोड़ दे दिया।
Updated on:
17 Jul 2026 07:20 am
Published on:
17 Jul 2026 06:59 am
