ईरानी अधिकारियों को डर है कि अगर बड़े स्तर पर सार्वजनिक अंतिम संस्कार आयोजित किया गया तो यह हमला या अशांति का कारण बन सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के संभावित हमलों का खतरा अभी भी बना हुआ है, जिससे किसी भी बड़े जनसमूह को निशाना बनाया जा सकता है। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के विश्लेषक बेनहम तालेब्लू ने कहा कि सीधे शब्दों में कहें तो सरकार इतनी डरी हुई और कमजोर है कि कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। यह बयान दर्शाता है कि वर्तमान हालात में ईरान की सत्ता व्यवस्था खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।