
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Photo-X)
Middle East politics: ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के दावे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत इस्लामी गणतंत्र के अंत की शुरुआत हो सकती है और अब उन्हें इतिहास से हटाया जा रहा है। रजा पहलवी ने ईरान की जनता से अपील की है कि वे सड़कों पर उतरें और बदलाव के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी करें।
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने खामेनेई को समय का खूनी जाहक और ईरान के हजारों बहादुर बेटों और बेटियों का हत्यारा बताया है। उन्होंने लिखा कि खामेनेई को इतिहास के पन्नों से मिटा दिया गया है और कहा कि यह शासन जल्द ही इतिहास के कूड़ेदान में डाल दिया जाएगा।
रजा पहलवी ने चेतावनी दी कि शासन के भीतरी लोगों द्वारा उत्तराधिकारी नियुक्त करने का कोई भी प्रयास विफल होगा। उन्होंने कहा कि शासन के बचे हुए गुटों द्वारा खामेनेई के उत्तराधिकारी को नियुक्त करने का कोई भी प्रयास शुरू से ही विफल होने वाला है। जिसे भी वे उनकी जगह बिठाएंगे, उसे न तो वैधता मिलेगी और न ही सत्ता में बने रहने का अधिकार और निःसंदेह, वे भी इस शासन के अपराधों में भागीदार होंगे।
उन्होंने ईरान की सेना, सुरक्षा और पुलिस बलों को सीधे संबोधित करते हुए इसे देश की जनता के साथ जुड़ने का उनका आखिरी मौका बताया। उन्होंने कहा कि इससे ईरान के एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य की ओर स्थिर परिवर्तन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हालांकि पहलवी ने स्वीकार किया कि खामेनेई की मृत्यु बहाए गए रक्त को वापस नहीं ला सकती, लेकिन उन्होंने कहा कि यह शोक संतप्त परिवारों और उन लोगों के परिजनों के जले हुए दिलों के लिए मरहम का काम कर सकती है।
उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने का आग्रह करते हुए लिखा, “यह हमारे महान राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत है; लेकिन यह अंत नहीं है। सतर्क और तैयार रहें। सड़कों पर भारी और निर्णायक उपस्थिति का समय बहुत निकट है।”
Updated on:
1 Mar 2026, 9:13 AM IST
Published on:
1 Mar 2026, 7:00 AM IST
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