
Ebrahim Zolfaghari (File Photo)
ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel) का आज 39वां दिन है। अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया और युद्ध खत्म करने के लिए सीज़फायर समझौता करने से इनकार किया, तो ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की डेडलाइन दी है। हालांकि ईरान ने इस सीज़फायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका चाहे, तो एक रात में ईरान को तबाह कर सकता है। ट्रंप की इस धमकी पर ईरानी सेना की प्रतिक्रिया सामने आ गई है।
ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps - IRGC) के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघारी (Ebrahim Zolfaghari) ने ट्रंप की धमकी पर पलटवार किया है। ज़ोल्फाघारी ने कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की अभद्र बयानबाजी और घमंड की वजह से यह युद्ध हो रहा है और इसका मकसद अमेरिकी सैन्य नाकामियों को जायज़ ठहराना है। ट्रंप की इन धमकियों का अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ जारी आक्रामक और निर्णायक अभियानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और ऐसी बयानबाजी से मिडिल ईस्ट में अमेरिका की हार की भरपाई नहीं हो पाएगी। अमेरिका-इज़रायल का हर कदम उनकी पिछली हारों में एक और हार जोड़ देगा।"
इसी बीच अमेरिका के युद्ध मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) ने ईरान को बड़ी धमकी दी है। हेग्सेथ ने कहा है कि आज ईरान पर सबसे बड़ा हमला होगा। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका और इज़रायल, ईरान के पावर प्लांट्स, तेल के भंडार और पुलों को निशाना बना सकते हैं, जिसकी धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी दे चुके हैं।
Updated on:
07 Apr 2026 09:53 am
Published on:
07 Apr 2026 09:51 am
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