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Islamabad Peace Talks: ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले शाहबाज शरीफ-जेडी वेंस की मुलाकात, क्या निकलेगा शांति का रास्ता?

Shehbaz Sharif JD Vance Meeting: इस्लामाबाद में शाहबाज शरीफ और जेडी वेंस की अहम मुलाकात, ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले कूटनीति तेज। जानें क्या हुई बातचीत।

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 11, 2026

Islamabad Peace Talks

Islamabad Peace Talks: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद में मुलाकात के दौरान हाथ मिलाते हुए।

US Iran Talks 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीति ने रफ्तार पकड़ ली है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने शनिवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से इस्लामाबाद में अहम मुलाकात की है। यह बैठक ऐसे वक्त पर हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच संभावित बातचीत को लेकर माहौल बन रहा है और पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस मुलाकात के दौरान पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने के रास्तों पर चर्चा हुई। साथ ही, बढ़ते तनाव को कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया गया।

इस मुलाकात को क्यों माना जा रहा अहम

यह सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे ईरान-अमेरिका के बीच संभावित बातचीत से पहले एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इस्लामाबाद में हुई यह मुलाकात इस बात का संकेत देती है कि बैकडोर डिप्लोमेसी तेज हो चुकी है।

कौन-कौन नेता रहे मौजूद

इस उच्च स्तरीय बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ उनके वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं पाकिस्तान की ओर से उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी बातचीत में शामिल हुए। बैठक से पहले शाहबाज शरीफ ने जेडी वेंस का औपचारिक स्वागत किया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत शुरू हुई। बैठक स्थल पर पाकिस्तान और अमेरिका के झंडे साथ दिखाई दिए।

क्या पाकिस्तान निभाएगा बड़ी भूमिका?

सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में खुद को एक संभावित मध्यस्थ के तौर पर पेश कर रहा है। इस्लामाबाद में हुई यह बातचीत वाशिंगटन और तेहरान के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कड़ी मानी जा रही है।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा दबाव

पश्चिम एशिया में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले हुए। इसके बाद हालात युद्ध जैसे बन गए। अब ऐसे माहौल में बातचीत की कोशिशें तेज हुई हैं।

अमेरिकी नेतृत्व की ओर से साफ संकेत दिए गए हैं कि अगर बातचीत नाकाम होती है, तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। जेडी वेंस ने भी पाकिस्तान रवाना होने से पहले कहा था कि वह इस वार्ता को लेकर आशावादी हैं और उम्मीद करते हैं कि इसका सकारात्मक नतीजा निकलेगा।

क्या निकलेगा शांति का रास्ता?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कूटनीतिक पहल से संवाद के रास्ते जरूर खुलते हैं, लेकिन मौजूदा हालात बेहद जटिल हैं। ऐसे में यह कहना अभी जल्दबाजी होगा कि यह बैठक किसी ठोस नतीजे तक पहुंचेगी या नहीं।