27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सैनिकों की भारी कमी से जूझ रहा इजरायल, IDF चीफ ने चेताया ‘अंदर से टूट सकती है सेना’

IDF के चीफ एयाल जमीर ने बढ़ते युद्ध दबाव और सैनिकों की कमी को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। नेतन्याहू सरकार से नए कानून लाने की मांग के बीच, इजरायल की सैन्य क्षमता पर संकट गहराने की आशंका जताई गई है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Devika Chatraj

Mar 27, 2026

IDF चीफ एयाल जमीर (X)

ईरान इजरायल के बढ़ते तनाव के बीच इजरायली की सेना को लेकर एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। एयाल जमीर, जो इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ हैं, उन्होंने चेतावनी दी है कि बढ़ते युद्ध दबाव और सैनिकों की भारी कमी के कारण सेना अंदर से कमजोर होकर टूट सकती है।

IDF पर बढ़ता दबाव

इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच जनरल जमीर ने सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक में यह गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने मंत्रियों के सामने 10 बड़े खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि सेना की ऑपरेशनल क्षमता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, अगर तुरंत जरूरी कानून नहीं बनाए गए, तो IDF सामान्य कामकाज भी नहीं कर पाएगी।

तुरंत कानून की जरूरत क्यों?

जनरल जमीर ने सरकार से तीन महत्वपूर्ण कानून जल्द पारित करने की मांग की जिनमें-

  • भर्ती (Recruitment) कानून
  • रिजर्व ड्यूटी कानून
  • अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि बढ़ाने वाला कानून

उनका कहना है कि इन कदमों के बिना सेना का रिजर्व सिस्टम कमजोर पड़ जाएगा और पूरी सैन्य संरचना प्रभावित हो सकती है।

गाजा युद्ध के बाद और गहराया संकट

जनवरी में ही जनरल जमीर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पत्र लिखकर सैनिकों की कमी को लेकर चेताया था। अक्टूबर 2023 में हुए हमलों के बाद से गाजा युद्ध के चलते लगातार ऑपरेशनों में बढ़ोतरी और IDF में लगभग 12,000 सैनिकों की कमी की वजह से इन सब कारणों से हालात और गंभीर हो गए थे।

हरेदी समुदाय बना रही है समस्या जटिल

स्थिति को और जटिल बनाता है अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (हरेदी) समुदाय को दी जा रही सैन्य सेवा से छूट। 2024 में इजरायल की हाई कोर्ट ने इस छूट को अवैध बताया था, इसके बावजूद राजनीतिक दल इसे जारी रखने की कोशिश में हैं। करीब 80,000 योग्य युवा अभी तक सेना में शामिल नहीं हुए है।

इजरायल के लिए बड़ा खतरा?

जनरल जमीर की चेतावनी सिर्फ एक प्रशासनिक चिंता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकेत है। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो सेना की युद्ध क्षमता घट सकती है। रिजर्व सिस्टम ढह सकता है। और इजरायल को बड़े सुरक्षा संकट का सामना करना पड़ सकता है।