
Israel economy takes a hit
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच 7 अक्टूबर को शुरू हुआ युद्ध अभी भी जारी है। इस युद्ध की वजह से गाज़ा (Gaza) और आसपास के फिलिस्तीनी इलाकों में इज़रायली सेना ने तबाही मचाई हुई है। हालांकि 24 नवंबर से युद्ध पर पहले 4 दिन के लिए, फिर 2 दिन और फिर 1 दिन यानी कि एक हफ्ते का विराम लगा और उस दौरान सीज़फायर के पालन के साथ ही बंधकों और कैदियों की रिहाई भी हुई पर एक हफ्ते के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। युद्ध विराम खत्म होते ही इज़रायली सेना ने फिर से हमास को निशाना बनाना शुरू कर दिया और तबाही का सिलसिला फिर से शुरू हो गया। इज़रायली हमलों की वजह से 20 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है। 57 हज़ार से ज़्यादा फिलिस्तीनी घायल हो चुके हैं और विस्थापितों की संख्या तो लाखों में है। पर इस युद्ध की वजह से इज़रायल को भी नुकसान हो रहा है।
इज़रायल की अर्थव्यवस्था को लगा झटका
हमास के खिलाफ जंग की वजह से इज़रायल की अर्थव्यवस्था को झटका लगा है। कई सेक्टर्स में काम कर रहे फिलिस्तीनियों को देश से निकाल दिया गया है। वहीं सेना में भर्ती बढ़ाने से भी कई सेक्टर्स में वर्कर्स की कमी हो गई है। जंग शुरू होने के बाद से अब तक 1,91,666 लोगों ने बेरोज़गारी भत्ते के लिए अप्लाई किया है। इन लोगों के अनुसार इन्हें ज़बरदस्ती नौकरी से छुट्टी पर भेज दिया गया और सैलरी भी नहीं दी जाएगी। ऐसे में कई सेक्टर्स में वर्कर्स की कमी की वजह से साल की आखिरी तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था को करीब 2% का नुकसान होने की संभावना बताई जा रही है। देश की जनता भी परेशान है।
अगले साल बेहद ही कम बढ़ेगी इज़रायल की अर्थव्यवस्था
एक्सपर्ट्स का मानना है कि युद्ध की वजह से अगले साल इज़रायल की अर्थव्यवस्था में सिर्फ 0.5% इजाफा ही होगा, जो बेहद ही कम है।
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Published on:
26 Dec 2023 02:30 pm
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