
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस। (फोटो: ANI )
Israel Iran War: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि महीनों की डिप्लोमेसी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि सिर्फ निश्चित कार्रवाई से ही ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोका जा सकता है। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति को लगता है कि तेहरान के साथ लंबे समय तक बातचीत के बावजूद समय खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमने गर्मियों में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान यूरेनियम संवर्धन फैसिलिटी को नष्ट कर दिया था।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का मकसद इसे कुछ समय के लिए रोकने से कहीं ज्यादा था। वेंस ने कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के पहले तीन, चार साल तक देश को सिर्फ ईरानी न्यूक्लियर हथियार से सुरक्षित ही नहीं रखना चाहते थे, बल्कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर हथियार न हो सके। वेंस ने कहा कि ट्रंप ने अंदाजा लगाया कि ईरान अपने प्रोग्राम को आगे बढ़ाने पर तुला हुआ है और हर हाल में परमाणु हथियार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर एक्शन लेने का फैसला किया।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो क टिप्पणी 'अमेरिका आगे और कड़ा कदम उठा सकता है', इस पर वेंस ने अमेरिकी सेना की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को गंभीर नुकसान पहुंचाने की हमारी क्षमता कहीं अधिक है। साथ ही उन विभिन्न मिसाइलों को भी निशाना बना सकते हैं जो हमारे सैनिकों के लिए खतरा हैं। राष्ट्रपति के पास “कई विकल्प उपलब्ध हैं।
वेंस ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप किसी भी हालत में ईरान को ऐसे बहुवर्षीय संघर्ष में नहीं झोंकने वाले, जिसका कोई स्पष्ट अंत या स्पष्ट लक्ष्य न हो। लक्ष्य साफ है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए और उसे दीर्घकालिक रूप से यह प्रतिबद्धता देनी होगी कि वह दोबारा परमाणु क्षमता विकसित करने की कोशिश नहीं करेगा। अमेरिका के पहले के युद्धों से तुलना करते हुए वेंस ने कहा कि अफगानिस्तान में 20 साल तक मिशन का दायरा बढ़ता रहा और स्पष्ट उद्देश्य का अभाव रहा। इराक युद्ध में भी स्पष्टता की कमी थी। मौजूदा रणनीति अलग है, क्योंकि इसका लक्ष्य स्पष्ट, विशिष्ट और सीमित है।
तेहरान में शासन परिवर्तन की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में वेंस ने कहा कि यदि वहां अधिक मित्रवत सरकार आती है तो उसका स्वागत होगा, लेकिन यह प्राथमिक लक्ष्य नहीं है। वहां शासन किसी भी रूप में बदले या न बदले, यह राष्ट्रपति के मुख्य उद्देश्य नहीं है। उनका प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान की सरकार परमाणु बम न बना सके।
Published on:
03 Mar 2026 02:52 pm
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