रूवेन अजार ने कहा, “हम पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करते। और यह मान लेना भी ठीक नहीं कि अमेरिका उन पर पूरी तरह भरोसा करता है। उनकी भूमिका सिर्फ सुविधा देने तक सीमित है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।” उनके इस बयान से साफ है कि इजराइल पाकिस्तान को एक भरोसेमंद मध्यस्थ नहीं मानता। अजार के मुताबिक, पाकिस्तान केवल लॉजिस्टिक सहयोग दे रहा है, जबकि असली भूमिका और उम्मीदें अमेरिका से जुड़ी हैं कि वह क्षेत्र में स्थिरता लाने की दिशा में कदम उठाए।