
इजरायली जहाजी बेड़े का दुरुपयोग । (फोटो: ANI)
Gaza Aid Flotilla: इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर की ओर से जारी एक विवादास्पद वीडियो फुटेज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। इस वीडियो में दक्षिणपंथी मंत्री अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोके गए गाजा सहायता बेड़े के फिलिस्तीन समर्थक स्वयंसेवकों का मजाक उड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। सोमवार को हुए इस घटनाक्रम के बाद, प्लास्टिक केबल टाई से बंधे और घुटनों के बल बैठे कार्यकर्ताओं के साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ दुनिया के 10 प्रमुख देशों ने इजरायली राजदूतों और दूतों को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।'
इस मानवीय सहायता काफिले में 44 अलग-अलग देशों के 428 शांति कार्यकर्ता सवार थे, जिन्होंने साल 2007 से गाजा पर लागू इजरायली नाकाबंदी को चुनौती देने के लिए पिछले गुरुवार को तुर्की के मारमारिस से अपनी यात्रा शुरू की थी। इस बेड़े में ग्यारह कनाडाई नागरिक भी शामिल थे। वीडियो सामने आने के बाद कनाडा के कार्नी ने इजरायली मंत्री की कड़ी निंदा की और याद दिलाया कि हिंसा भड़काने के प्रयासों के कारण कनाडा पहले ही बेन-ग्वीर पर संपत्ति फ्रीज करने और यात्रा प्रतिबंध जैसे सख्त दंडात्मक उपाय लागू कर चुका है।
यूरोपीय देशों में भी इस घटना को लेकर तीव्र आक्रोश है। इटली के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों की तुरंत वापसी की मांग करते हुए इजरायली राजदूत को तलब किया। पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने इजरायली कैबिनेट सदस्य के इस व्यवहार को "अत्यंत अनुचित" बताते हुए औपचारिक माफी की मांग की है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने स्वयंसेवकों के साथ हुए इस व्यवहार को "अन्यायपूर्ण, अमानवीय और अपमानजनक" करार देते हुए इजरायली चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने भी इजरायली राजदूत को बुला कर इस स्थिति पर तेल अवीव से स्पष्टीकरण मांगा है।
बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने कार्यकर्ताओं को बांध कर और मुंह के बल लिटा कर किए गए अपमान की वीडियो रिकॉर्डिंग "बहुद परेशान करने वाली" बताते हुए सभी बंधकों की तत्काल रिहाई की मांग की। डच विदेश मंत्रालय ने भी हेग में इजरायली राजदूत को तलब कर ग्लोबल सुमुद सहायताकर्मियों के साथ हुए व्यवहार को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। पुर्तगाल ने भी इजरायली राजनयिक को बुला कर इस सैन्य ऑपरेशन पर स्पष्टीकरण मांगा है।
यह कूटनीतिक गुस्सा यूरोप से निकल कर प्रशांत क्षेत्र तक पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने इजरायली राजदूत को तलब किया और याद दिलाया कि शांति को नुकसान पहुंचाने के लिए बेन-ग्वीर पर उनके देश ने पिछले साल ही प्रतिबंध लगा दिया था। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी पुष्टि की कि राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री के इस शर्मनाक कृत्य पर अपनी गंभीर नाराजगी दर्ज कराने के लिए इजरायल के शीर्ष राजनयिक को विदेश मामलों और व्यापार विभाग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विभिन्न देशों के विदेश मंत्रालयों ने इस घटना को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन और जेनेवा कन्वेंशन की अवहेलना बताया है। वैश्विक नेताओं का मानना है कि एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठे मंत्री की ओर से बंधकों का इस तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजाक उड़ाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना और अमानवीय कृत्य है। ( इनपुट: ANI )
Updated on:
21 May 2026 05:21 pm
Published on:
21 May 2026 05:20 pm
