29 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इजराइल-ईरान जंग के बीच किम जोंग ने दिखाई मिसाइल की ताकत, टारगेट पर रखा अमेरिका

North Korea Missile: मध्य पूर्व में जारी इजराइल-अमेरिका संघर्ष के बीच उत्तर कोरिया ने अपनी मिसाइल ताकत का प्रदर्शन कर दुनिया को चौंका दिया है। किम जोंग उन ने खुलेआम अमेरिका को अपने निशाने पर रहने की चेतावनी दी है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Mar 29, 2026

Kim Jong Un Missile Power

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने सबसे घातक मिसाइलों का परीक्षण किया। ( फोटो: स्क्रीन शॉट )

Kim Jong Un Missile Power: दुनिया का ध्यान जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग पर केंद्रित है (Global War), तब उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन (Kim Jong Un Missile Power) ने अपनी सबसे घातक मिसाइलों का परीक्षण कर हलचल मचा दी है (Missile Power Show)। प्योंगयांग से आई तस्वीरों में किम जोंग उन को एक नई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के सामने खड़े देखा गया है (ICBM Test)। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सीधे तौर पर वाशिंगटन को यह संदेश देने के लिए है कि उत्तर कोरिया किसी भी समय हमला करने में सक्षम है (Targeting America)। इस परीक्षण ने कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा चिंताओं को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है (Regional Instability)।

"वास्तविक युद्ध" के लिए तैयार रहने का निर्देश

उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार, किम जोंग उन ने अपनी सेना को "वास्तविक युद्ध" के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगियों ने उनके क्षेत्र में कोई हस्तक्षेप किया, तो प्योंगयांग चुप नहीं बैठेगा। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नई मिसाइल प्रणाली की पहुंच अमेरिकी मुख्य भूमि तक है, जिससे पेंटागन में भी बेचैनी बढ़ गई है। यह समय इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि अमेरिकी सेना पहले से ही मध्य पूर्व के मोर्चे पर व्यस्त है।

तकनीकी मारक क्षमता का प्रदर्शन (Advanced Weaponry)

किम जोंग उन ने जिस नई मिसाइल तकनीक का अनावरण किया है, वह ठोस ईंधन पर आधारित है। इसका मतलब है कि इन मिसाइलों को बहुत कम समय में लॉन्च किया जा सकता है, जिससे दुश्मन के लिए इन्हें ट्रैक करना और रोकना लगभग असंभव हो जाता है। परीक्षण के दौरान किम ने खुद रडार और कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और वैज्ञानिकों को भविष्य के और भी खतरनाक हथियारों के लिए तैयार रहने को कहा।

बदलते वैश्विक समीकरण (Geopolitical Shift)

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि किम जोंग उन दुनिया की नजरों में बने रहने के लिए अक्सर ऐसे समय का चुनाव करते हैं जब वैश्विक शक्तियां कहीं और उलझी हों। इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का फायदा उठाकर उत्तर कोरिया अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को और तेज कर रहा है। रूस के साथ उत्तर कोरिया की बढ़ती नजदीकियों ने भी पश्चिमी देशों के लिए एक नया सिरदर्द पैदा कर दिया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग

व्हाइट हाउस ने इस परीक्षण को "उकसावे वाली कार्रवाई" करार दिया है और कहा है कि वह अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। दक्षिण कोरिया और जापान ने अपनी सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। विश्लेषकों का मानना है कि किम जोंग उन इस शक्ति प्रदर्शन के जरिए अमेरिका पर प्रतिबंधों में ढील देने का दबाव भी बना रहे हैं।