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भारत के दोस्त और दुश्मन के बीच ‘दोस्ती’, पाकिस्तान के लिए अमरीका कर रहा दगाबाज़ी! जानिए पाक पीएम और बाइडेन के बीच क्या हुई ‘सीक्रेट टॉक’

दो दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ (Shahbaz Sharif) को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ खड़े होने की बात कही थी। अब पाकिस्तान के पीएम ने इसका जवाब बाइडेन (Joe Biden) को दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो भी अमेरिका के साथ अपने संबंधों का आगे बढ़ाना चाहते हैं।

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Narendra Modi And Joe Biden with Shahbaz Sharif

Narendra Modi And Joe Biden with Shahbaz Sharif

पाकिस्तान (Paksitan) भारत को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है। इस दुश्मनी में उसने भारत पर ना जाने कितने हमले किए, कितना आतंकवाद उसने भारत की सरजमीं पर मचाया। 1947 से पाकिस्तान ने शुरू किया ये खूनी खेल अभी भी जारी है। जिसके चलते दोनों देशों के बीच संबंध (India-Pakistan Relationship) बेहद खराब हैं। इस मामले में भारत का साथ देने वाला और भारत को अपना जिगरी दोस्त बताने वाला अमरीका (USA) अब दोहरी चाल रहा है और बताया जा रहा है कि उसकी ये चाल भारत के लिए दगाबाज़ी साबित हो सकती है। दरअसल दो दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden's letter to Pakistan PM) ने पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ के एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के साथ खड़े होने की बात कही थी। अब पाकिस्तान के पीएम ने इसका जवाब बाइडेन को दिया है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो भी अमेरिका के साथ अपने संबंधों का आगे बढ़ाना चाहता है।

क्या लिखा था जो बाइडेन ने

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने अपने पत्र में लिखा था कि "हमारे यूएस-पाकिस्तान 'ग्रीन अलायंस' ढांचे के जरिए हम वहां टिकाऊ कृषि और जल प्रबंधन का समर्थन करने और 2022 में पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से संकट में आए पाकिस्तान की सहायता करते रहेंगे। अमरीका मानवाधिकारों की रक्षा और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। एक साथ मिलकर, हम अपने देशों के बीच एक मजबूत साझेदारी और हमारे लोगों के बीच घनिष्ठ संबंध बनाना जारी रखेंगे।"

क्या जवाब दिया पाक पीएम शाहबाज़ शरीफ ने

अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के इस पत्र का जवाब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ (Shahbaz Sharif) ने दिया कि "पाकिस्तान भी शांति और सुरक्षा के साथ ही विकास को साझा करने के लक्ष्य को साधने के लिए अमेरिका के साथ काम करना चाहता है।" उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान अमेरिका के साथ अपने संबंधों को सबसे अहम औऱ सबसे ऊपर रखता है। दोनों देश ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा के मामले में अपने संबंधों को आगे बढ़ाएंगे और मिलकर काम करेंगे।" पीएम शहबाज ने कहा कि "दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और ग्रीन अलायंस फ्रेमवर्क पहल का वो स्वागत करते है।"

अमरीका क्यों चल रहा गहरी चाल?

इन दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच पत्राचार को विदेशी मामलों के जानकार अलग नजरिए से देख रहे हैं। उनका कहना है कि एक तरफ पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध बेहद खराब स्थिति में हैं और दूसरी तरफ उसी पाकिस्तान से अमेरिका (USA Pakistan Relationship) दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है। जो भारत के लिए एक असहज स्थिति है। एक तरफ तो अमरीका कहता है कि वो भारत के साथ हर मुद्दे पर खड़ा है और दूसरी तरफ वो भारत में आतंकवाद मचाने वाले देश में अलगाववाद फैलाने वाले पाकिस्तान (Pakistan) के करीब जा रहा है। अमरीका का ये कैसा दोहरा मापदंड है ये समझने की यहां बेहद जरूरत है।

दुसरी तरफ जानकारों का कहना है कि अमेरिका सिर्फ अपने ग्रीन अलायंस फ्रेमवर्क (Green Alliance Framework) के तहत पाकिस्तान की मदद कर रहा है। जिससे भारत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

ये ग्रीन अलायंस फ्रेमवर्क क्या है?

दरअसल बीते कुछ सालों में पाकिस्तान (Pakistan) में जलवायु संकट का दूरगामी प्रभाव पड़ा है। 2022 की बाढ़ में पाकिस्तान में 1700 लोग मारे गए थे। लाखों घर तहस-नहस हो गए थे। कृषि भूमि भी नष्ट हो गई थी। तब संयुक्त राज्य अमेरिका ने बाढ़ राहत सहायता में पाकिस्तान को 215 मिलियन डॉलर से की रकम दी थी। लेकिन जलवायु संकट का समाधान कोई एक देश अकेले नहीं कर सकता। इसमें साझेदारों की जरूरत होती है। इसलिए अमरीका और पाकिस्तान जलवायु-स्मार्ट कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और जल प्रबंधन में अपने सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए US-पाकिस्तान ग्रीन एलायंस ढांचे (Green Alliance Framework) के जरिए मिलकर काम कर रहे हैं। जिसका लक्ष्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश का आगे बढाना है और नई नौकरियां, उद्योग के अवसर तलाशने है। इसके अलावा समावेशी, टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

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