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माली के रक्षा मंत्री कर्नल सादियो कैमारा की हत्या; देशभर में सैन्य ठिकानों पर हुए भीषण आतंकी हमले में मारे गए

Mali’s Defence Minister Sadio Camara killed: माली में आतंकी हमले के बीच माली के रक्षामंत्री कर्नल सादियो कैमारा की हत्या की खबर है।

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Sadio Camara

माली में रक्षा मंत्री कर्नल सादियो कैमारा (Photo Credit - X/ @Le_Figaro)

Sadio Camara: अफ्रीकी देश माली में सैन्य ठिकानों पर हुए समन्वित हमलों के बीच रक्षा मंत्री कर्नल सादियो कैमारा की हत्या कर दी गई है। यह जानकारी 'अल जजीरा' के हवाले से सामने आई है। यह खबर शनिवार को हुई उस घटना के एक दिन बाद आई है, जब अल-कायदा से जुड़े एक समूह और तुआरेग विद्रोहियों ने 'काटी' (Kati) स्थित सैन्य छावनी में उनके आवास पर हमला किया था। गौरतलब है कि विद्रोहियों द्वारा इन सैन्य स्थलों को निशाना बनाकर एक साथ कई बड़े हमले किए गए थे।

सैन्य सरकार में अहम हस्ती थे कैमारा

कैमारा उस सैन्य सरकार में एक अहम हस्ती थे, जिसने 2020 और 2021 में लगातार हुए तख्तापलट के बाद सत्ता पर कब्जा किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 'वह सत्ताधारी सैन्य नेतृत्व में सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक थे। कुछ लोग उन्हें माली के भविष्य के संभावित नेता के तौर पर भी देखते थे।' उनकी हत्या किया जाना माली के सशस्त्र बलों के लिए एक बड़ा झटका है।

'काटी' माली की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक

काटी को माली की सबसे सुरक्षित जगहों में से एक माना जाता है। फिर भी अल-कायदा से जुड़े संगठन 'जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन' के लड़ाके, और 'लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ अज़ावाद' के तुआरेग लड़ाके मिलकर इस हमले को अंजाम देने में कामयाब रहे।' हथियारबंद लोगों ने माली के कई अन्य इलाकों में भी हमले किए, जिनमें राजधानी बमाको, उत्तरी इलाके के गाओ और किदाल, और मध्य माली का शहर सेवारे शामिल हैं।

किदाल में भारी गोलीबारी और धमाके

रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी किदाल के सैन्य शहर में लोगों को भारी गोलीबारी और ज़ोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। यह ऑपरेशन शुरू होने के 24 घंटे से भी ज्यादा समय बाद भी जारी है।

राष्ट्रपति असिमी गोइता सुरक्षित

अंतरिम राष्ट्रपति असिमी गोइता पर हमले के बाद दबाव बढ़ गया है। विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा लगता है कि अधिकारी इस हमले को लेकर तैयार नहीं थे। वे अचानक इस स्थिति में फंस गए है। रिपोर्ट के मुताबिक, गोइता पूरी तरह सुरक्षित हैं और एक सुरक्षित जगह पर मौजूद हैं। सेना की कमान अभी भी उन्हीं के हाथों में है। उधर, अफ्रीकी संघ, इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के महासचिव और अमेरिकी विदेश विभाग के अफ्रीकी मामलों के ब्यूरो ने माली में हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है।