
US Secretary of State Marco Rubio (Photo/YouTube/MEA)
Marco Rubio: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका संबंधों की बढ़ती गहराई पर जोर दिया और नई दिल्ली को वाशिंगटन का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध पारंपरिक कूटनीतिक जुड़ाव से आगे बढ़कर वैश्विक चुनौतियों पर मजबूत रणनीतिक समन्वय को दर्शाते हैं।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रुबियो ने कहा कि रणनीतिक साझेदारी तब होती है जब दो देशों के हित समान होते हैं और वे समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा, 'भारत अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और दुनिया में हमारे सबसे अहम साझेदारों में से एक है।' उन्होंने दोनों देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र अपने नागरिकों के प्रति सीधे जवाबदेह होते हैं और उन्हें लगातार जवाब देना होता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने आतंकवाद-रोधी सहयोग को दोनों देशों के बीच मजबूत गठबंधन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क से दोनों देशों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान हुआ है, जिसके कारण यह सहयोग और मजबूत हुआ है। उन्होंने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर भी प्रकाश डाला और कहा कि दोनों देश 21वीं सदी की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों को लेकर समान दृष्टिकोण रखते हैं। रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा और एक स्वतंत्र एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाए रखने में सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए और कहा कि इससे होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी चिंताओं का समाधान हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर अच्छी खबर मिलने की संभावना है। इस समझौते से होर्मुज स्ट्रेट की चिंताओं का समाधान होगा। यह समझौता एक ऐसी प्रक्रिया की शुरुआत करेगा जो अंततः हमें उस स्थिति तक पहुंचा सकती है जहां राष्ट्रपति हमें देखना चाहते हैं, और वह है एक ऐसी दुनिया जिसे अब ईरानी परमाणु हथियार से डरने या चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।
वहीं, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने X पर पोस्ट कर दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को “सार्थक और सकारात्मक” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई है।
Published on:
24 May 2026 02:10 pm
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