
ट्रंप ने मार्क जकरबर्ग को दिखाया बाहर का रास्ता (ANI - पत्रिका)
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जकरबर्ग (Mark Zuckerberg) के साथ एक ऐसी घटना घटी है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में हलचल मचा दी है। एनबीसी न्यूज की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जकरबर्ग को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के व्हाइट हाउस में स्थित ओवल ऑफिस से बाहर निकाल दिया गया, जब वे अनजाने में एक शीर्ष गोपनीय सुरक्षा बैठक में घुस गए। यह घटना तब हुई जब जकरबर्ग ट्रंप से मुलाकात करने के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे थे, लेकिन उनकी टाइमिंग ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, जकरबर्ग उस वक्त ओवल ऑफिस में पहुंचे, जब अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी एक बेहद संवेदनशील बैठक में व्यस्त थे। इस बैठक में अगली पीढ़ी के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों (जिन्हें F-47 के नाम से संभावित रूप से जाना जा सकता है) के विकास और रणनीति पर चर्चा हो रही थी। जकरबर्ग के अचानक वहां पहुंचने से सैन्य अधिकारी सकते में आ गए, क्योंकि उनके पास इस तरह की गोपनीय बैठकों में शामिल होने के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं था। एक अधिकारी ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए जकरबर्ग को कमरे से बाहर जाने और इंतजार करने के लिए कहा।
जकरबर्ग के प्रवेश से सैन्य अधिकारियों में नाराजगी फैल गई। कुछ अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा कि इस तरह की बैठकों में बिना अनुमति किसी का भी आना निजता और गोपनीयता की गंभीर कमी को दर्शाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने तो इस घटना को "अजीबोगरीब दुनिया" करार देते हुए अपनी हताशा जाहिर की।
हालांकि, व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इस घटना को लेकर पलटवार किया है। उनके मुताबिक, मीडिया ने इसे सनसनीखेज बनाकर पेश किया है। व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने बताया कि जकरबर्ग सिर्फ राष्ट्रपति ट्रंप को नमस्ते करने और शिष्टाचार मुलाकात के लिए आए थे। उनकी मंशा किसी बैठक में दखल देने की नहीं थी। गलती से ओवल ऑफिस में प्रवेश करने के बाद उन्हें तुरंत बाहर ले जाया गया, जहां वे ट्रंप के साथ होने वाली औपचारिक बैठक शुरू होने तक इंतजार करते रहे। बाद में, सैन्य अधिकारियों की बैठक खत्म होने के बाद जकरबर्ग की ट्रंप से मुलाकात हुई, जो निर्धारित समय के अनुसार चली।
Published on:
04 Jul 2025 09:15 am
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