
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मोरक्को के राजा मोहम्मद षष्ठम
नई दिल्ली. चार माह के भीतर संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और सूडान के बाद अब मोरक्को, इजराइल को मान्यता देने और उसके साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला चौथा अरब राष्ट्र बन गया है। समझौते के बाद मोरक्को के राजा मोहम्मद षष्ठम (छठे) ने कहा कि उनका देश इजराइल के साथ अविलंब राजनयिक रिश्ते कायम करेगा। इजराइल ने हाल ही सुन्नी अरब देश संयुक्त अरब अमीरात, सूडान और बहरीन के साथ इसी तरह का समझौता किया है।
दरअसल सीमा विवाद के कारण इजराइल और फिलिस्तीन के बीच जारी राजनीतिक गतिरोध के कारण इजराइल और अरब देशों के बीच संबंधों का सामान्य होना असंभव माना जा रहा था। अमरीकी मध्यस्थता के बाद अब ये दूरी कम हो रही है। दरअसल अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने किंग मोहम्मद को यह आश्वासन दिया था कि वह विवादित पश्चिमी सहारा क्षेत्र पर मोरक्को के दावे को मान्यता देंगे, जिसे लेकर वर्षों से अल्जीरिया के साथ उसका विवाद है।
समझौते से फिलिस्तीन नाराज
फिलिस्तीन इस समझौते से नाराज है। फिलिस्तीनी लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन की कार्यकारी समिति के सदस्य बासम-साल्ही ने समझौते की निंदा की है। साल्ही का कहना है कि कोई भी अरब देश 2002 की अरब शांति पहल से पीछे हटता है तो यह हमें कतई मंजूर नहीं है। वर्ष 2002 की अरब शांति पहल के मुताबिक इजराइल यदि फिलिस्तीनी और अरब भूमि पर अपना कब्जा छोड़ता है, तब ही उसके साथ रिश्ते सामान्य हो पाएंगे।
Published on:
17 Dec 2020 07:54 pm
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