
Afghan refugees (Photo - Washington Post)
यूं तो मुस्लिम देशों में काफी एकता मानी जाती है और ज़रूरत पड़ने पर ये देश एक-दूसरे की मदद भी करते हैं। पर अब एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक मुस्लिम देश (Muslim Country) ने दूसरे मुस्लिम देश के लाखों लोगों को निकाल दिया है। यह पढ़कर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन यह बात पूरी तरह से सच है। ऐसे में मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि किस मुस्लिम देश ने दूसरे मुस्लिम देश के लोगों को निकाल दिया और क्या है इसकी वजह? आइए जानते हैं।
यहाँ जिन दो मुस्लिम देशों की बात हो रही है, वो ईरान (Iran) और अफगानिस्तान (Afghanistan) हैं। दरअसल इज़रायल (Israel) के खिलाफ युद्ध खत्म होने के बाद से ही ईरान ने अफगानिस्तान के लोगों को देश से बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया था।
ईरान ने युद्ध खत्म होने के बाद से अब तक करीब 7.5 लाख अफगान लोगों को देश से बाहर निकाल दिया है। यह आंकड़ा आने वाले समय में और बढ़ सकता है।
ईरान के दरवाज़ें बंद होने के बाद अफगान शरणार्थियों के पास वापस अफगानिस्तान जाने के और कोई विकल्प नहीं है। हालांकि तालिबान सरकर ने साफ कर दिया है कि ईरान से निकाले गए लोगों के लिए खाना-पानी और उनके प्रांतों तक जाने की बस मुहैया कराएगी।
जानकारी के अनुसार ईरान में शरणार्थियों के तौर पर रह रहे कई अफगान नागरिकों के साथ बर्बरता की जा रही है। डिपोर्ट करने से पहले डिटेंशन सेंटर में अफगान नागरिकों के साथ मारपीट की जा रही है, उन्हें भूखा रखा जा रहा है, उनके साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा है।
Updated on:
26 Jul 2025 01:38 pm
Published on:
26 Jul 2025 01:31 pm
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