
Narendra Modi And Joe Biden
Narendra Modi: पूरी दुनिया इन दिनों गृहयुद्धों और युद्धों से दो-चार हो रही है। रूस-यूक्रेन, इजरायल-गाजा, इजरायल-ईरान-लेबनान युद्ध की विभीषिका झेल रहे हैं तो सीरिया, लेबनान, बांग्लादेश (Bangladesh) गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में इन युद्धों को रोकने और दुनिया को फिर से शांति और समझौते की तरफ बढ़ाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा कदम उठा लिया है। पीएम मोदी ने लगभग एक महीने पहले रूस (Russia) की यात्रा की थी फिर ठीक एक महीने बाद हाल ही में वो यूक्रेन की यात्रा करके आए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका (President Joe Biden) और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर इन्हीं मुद्दों पर बात की है और यूक्रेन, (Ukraine) बांग्लादेश के हालातों पर चर्चा की है। ऐसे में अब चारों तरफ ये सवाल उठ रहा है कि क्या अब दुनिया की सियासत में कुछ बड़ा होने वाला है, क्य़ा इन युद्धों को रोकने का प्लान बना लिया गया है, क्या भारत और अमेरिका मिलकर इस संकट को रोकने के लिए संकट मोचन बनने जा रहे हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बीते सोमवार काे अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से फोन पर बात की। दोनोंं नेताओं में बांग्लादेश और यूक्रेन की स्थिति सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत के बारे में पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में बताया कि हमने यूक्रेन की स्थिति सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। मैंने यूक्रेन में शांति और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए भारत के पूर्ण समर्थन को दोहराया। बांग्लादेश की स्थिति पर चर्चा में सामान्य स्थिति की शीघ्र बहाली तथा वहां अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने यूक्रेन सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति बाइडेन को यूक्रेन के अपने हालिया दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शांति और स्थिरता लाने को भारत का पूरा समर्थन है। दोनों नेताओं ने बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की बहाली और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने क्वाड सहित बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की बात दोहराई।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से बात करने से पहले पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानी से बात की। इस बातचीत में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बातचीत में दोनों देशों के सहयोग पर तो बात की ही साथ ही क्वाड को और ज्यादा सशक्त और मज़बूत बनाने पर बातचीत हुई। दरअसल क्वाड में अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान साझीदार हैं। ऐसे में क्वाड को मजबूती को देने का मतलब है कि भारत दुनिया के तमाम बड़े मुद्दों पर इन वैश्विक शक्तियों का साथ लेकर अपने फैसले लेने के लिए सक्षम होगा और दुनिया को इस अशांति के दौर से बाहर निकालेगा।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 21 और 22 अगस्त को पोलैंड की यात्रा पर थे। पोलैंड के बाद 23 अगस्त को उन्होंने यूक्रेन का दौरा किया। पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम रहा। बता दें कि पोलैंड की यात्रा पर 45 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री गया। इससे पहले 1979 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने पोलैंड की यात्रा की थी। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन की यात्रा भी 1991 में रूस से यूक्रेन के अलग होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी।
Updated on:
27 Aug 2024 01:35 pm
Published on:
27 Aug 2024 10:42 am
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