
अमेरिका ने ईरान की स्कूल पर किया था हमला (Photo-IANS)
ईरान के सरकारी मीडिया ने गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले को लेकर एक वीडियो जारी किया है। इस हमले में 165 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में स्कूली छात्राएं शामिल थीं। यह हमला 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने किया था।
ईरान की समाचार एजेंसी मेहर न्यूज ने हमले को लेकर एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक क्रूज मिसाइल को मिनाब शहर स्थित एक घिरे हुए परिसर के भीतर इमारत से टकराते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि परिसर के दूसरे हिस्से से पहले से धुआं उठ रहा है, जहां कुछ ही क्षण पहले शाजरेह तय्येबेह गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल पर हमला हुआ था।
हथियार विशेषज्ञों और स्वतंत्र फैक्ट-चेकर्स का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही मिसाइल अमेरिकी नौसेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल से मिलती-जुलती है।
नीदरलैंड के फैक्ट-चेकिंग समूह बेलिंगकैट से जुड़े संघर्ष शोधकर्ता ट्रेवर बॉल ने अपने विश्लेषण में कहा कि यह वीडियो पहली बार स्पष्ट रूप से दिखाता है कि उस क्षेत्र पर हमला अमेरिका ने किया था। उन्होंने बताया कि इस युद्ध में शामिल देशों में टॉमहॉक मिसाइल केवल अमेरिका के पास ही है और इजरायल के पास इस हथियार के इस्तेमाल के प्रमाण नहीं हैं।
मिडलबरी कॉलेज के वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञ प्रोफेसर जेफ्री लुईस ने भी कहा कि वीडियो में दिखाई दे रहा हथियार ईरान की किसी ज्ञात क्रूज मिसाइल से मेल नहीं खाता और यह टॉमहॉक मिसाइल जैसा ही लगता है।
हालांकि इससे पहले अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने भी संकेत दिया था कि ईरान पर शुरुआती हमलों में टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा था कि समुद्र से दागे गए पहले हथियार अमेरिकी नौसेना की टॉमहॉक मिसाइलें थीं।
फैक्ट-चेकर्स ने वीडियो की लोकेशन की भी पुष्टि की है। बेलिंगकैट और अन्य पत्रकारों ने वीडियो में दिख रहे लैंडमार्क, क्लिनिक के बोर्ड और आसपास की संरचनाओं की मदद से इसे मिनाब स्थित उसी परिसर से जोड़कर सत्यापित किया है।
Updated on:
09 Mar 2026 02:32 pm
Published on:
09 Mar 2026 02:32 pm
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