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पाकिस्तान के गले की फांस बन गया असीम मुनीर का ये ऐलान, अब जो आगे होगा…

Pakistan-Afghanistan Conflict: बिना सोचे-समझे फैसले ने पाकिस्तान को एक ऐसे संकट में डाल दिया है जिससे निकलना अब उसके लिए मुश्किल हो गया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि… नीचे पढ़ें पूरी खबर।

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भारत

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Saurabh Mall

Mar 21, 2026

AASIM MUNIR

पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर (सोर्स: ANI)

Pakistan-Taliban War Tensions:पाकिस्तान इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है, जहां से निकलना उसके लिए आसान नहीं दिख रहा। देश के आर्मी चीफ आसिम मुनीर का हालिया फैसला (ऐलान) अब उसी के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। अफगानिस्तान को दी गई चुनौती और डूरंड लाइन पार एयरस्ट्राइक ने हालात और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिए हैं। जो कदम ताकत दिखाने के लिए उठाया गया था, वह अब पाकिस्तान के गले की फांस बनता दिख रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले ने अफगानिस्तान (तालिबान) को बेहद नाराज कर दिया है। पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह नया मोर्चा खोलना भारी पड़ सकता है। सवाल अब यही है कि क्या पाकिस्तान इस मुश्किल हालात से बाहर निकल पाएगा या यह संकट और गहराता जाएगा।

स्थिति से निकलना बहुत मुश्किल: रिपोर्ट

'यूरेशिया रिव्यू' के एक आर्टिकल के मुताबिक, पाकिस्तान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वह दो मोर्चो पर लड़ाई कर रहा है, एक घर के अंदर और एक घर के बाहर यानी अफगानिस्तान से। एक तरफ वह ड्रोन और हथियारों से लैस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में विद्रोहियों के खिलाफ कर रहा है। तो वहीं अफगानिस्तान से सीधा मुकाबला कर रहा है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आर्मी चीफ आसिम मुनीर का अफगानिस्तान के खिलाफ जंग हालात को और खराब कर गया। ऐसा लगता है कि यह फैसला बिना सोचे-समझे लिया गया है। यही कारण कि अब वह एक मुश्किल और निराशाजनक स्थिति में फंस गया है, जहां से बाहर निकलना उसके लिए आसान नहीं हो रहा।

रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव में अमेरिका ने कोई दखल नहीं दिया। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप का इस मामले से दूर रहना उनके शांति स्थापित करने वाले दावे के खिलाफ जाता है।

अफगानिस्तान से सरेंडर करने की उम्मीद करना बस एक ख्वाहिश

रिटायर्ड भारतीय अधिकारी नीलेश कुंवर के मुताबिक, ट्रंप का अचानक रुख बदलना शक पैदा करता है कि उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को अफगानिस्तान पर सख्त कार्रवाई के लिए उकसाया होगा। इसकी वजह ये है कि तालिबान (अफगानिस्तान) ने बगराम एयरबेस को US को सौंपने की मांग ठुकरा दी थी।

रिटायर्ड भारतीय अधिकारी ने आगे कहा कि ट्रंप आलोचना सहन नहीं करते और कई मामलों में उनका गुस्सा दिख चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका दूर से जंग लड़ सकता है, लेकिन पाकिस्तान के पास यह विकल्प नहीं है। अफगानिस्तान जैसा देश, जो पहले भी बड़े शक्तियों को झुका चुका है, उसे बमबारी से काबू करना आसान नहीं।