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Pakistan : इमरान खान अभी जेल से रिहा नहीं होंगे, अलबत्ता एक मामले में अदालत ने जमानत मंजूर की

Pakistan: IHC approves Imran Khan's bail application in corruption case : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) अभी जेल से रिहा नहीं होंगे। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (IHC) ने इमरान खान की 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले(Corruption Case) में जमानत याचिका को बुधवार को मंजूरी दे दी।

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Pakistan Imran Khan

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Pakistan: IHC approves Imran Khan's bail application in corruption case : पहले क्रिकेटर और बाद में प्रधानमंत्री रहने के बाद जेल की सलाखों में कैद पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान ( Imran Khan) अभी जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे। अलबत्ता उनकी इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ( IHC) ने बुधवार को 190 मिलियन पाउंड के भ्रष्टाचार मामले ( Corruption Case) में उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है।

फैसला सुरक्षित रख लिया था

इस्लामाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक और न्यायमूर्ति तारिक महमूद जहांगीरी की दो सदस्यीय पीठ ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) की अभियोजन टीम और इमरान खान के वकील सरदार लतीफ खान खोसा की दलीलें पूरी होने के बाद मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

अभी सजा काट रहे

अदालत ने इमरान खान की जमानत के लिए 10 लाख पाकिस्तानी रुपये (PKR ) तय किए। पाकिस्तान तहरीके-इंसाफ ( PTI ) के संस्थापक इमरान खान को जेल से रिहा नहीं किया जाएगा, क्योंकि वह अभी भी सिफर मामले और इद्दत मामले में अपनी सजा काट रहे हैं।

बुशरा बीबी ( Bushra Bibi ) का मुकदमा समाप्त होने वाला

दो अलग-अलग तोशखाना मामले (Toshakhana Case) में उनकी सजा को इस्लामाबाद हाईकोर्ट ( IHC ) ने निलंबित कर दिया था। जानकारी के मुताबिक, एनएबी के विशेष अभियोजक अमजद परवेज़ ने अदालत में अपनी अंतिम दलीलों में कहा कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी का मुकदमा समाप्त होने वाला है।

अब तक 30 ने गवाहों ने गवाही दी

परवेज़ ने कहा कि अभियोजन पक्ष के 59 गवाहों में से 30 ने अब तक गवाही दी है और अभियोजन पक्ष शेष गवाहों की संख्या 10 से घटा कर 15 करेगा और बाकी को बयान दर्ज करने के लिए पेश करेगा। अमजद परवेज़ ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया है, जहां ऐसी स्थितियों में जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं। इमरान खान के वकील खोसा ने अपनी दलीलों में केस को बेबुनियाद बताया और कहा कि आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

ब्रिटेन की एजेंसी ने पैसे जब्त किए

उधर ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी ने एक संदिग्ध लेनदेन के लिए पैसे जब्त कर लिए, जिसे अदालत के बाहर समझौते के तहत पाकिस्तान को वापस कर दिया गया। खोसा ने कहा कि यह पैसा ब्रिटेन की अदालतों के जरिए वापस लिया जा सकता था। हालाँकि, इस प्रक्रिया को पूरा करने में समय लगेगा। खान के वकील ने कहा कि सरकार ने केवल जब्त की गई राशि की शीघ्र वापसी की सुविधा प्रदान की।

इमरान और बुशरा को फरवरी में जवाबदेह ठहराया था

इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को इस मामले में फरवरी में रावलपिंडी की जवाबदेही अदालत ने दोषी ठहराया था। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने दिसंबर में अल-कादिर विश्वविद्यालय के संबंध में इमरान और उनकी पत्नी सहित सात अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।

अरबों की जमीन लेने का आरोप

जानकारी के अनुसार, मामले में आरोप लगाया गया है कि इमरान खान और उनकी पत्नी ने पीकेआर 50 बिलियन को वैध बनाने के लिए बहरिया टाउन लिमिटेड से अरबों रुपये और सैकड़ों कनाल की जमीन प्राप्त की, जिसे पिछली पीटीआई सरकार के दौरान यूके ने पहचाना था और पाकिस्तान को वापस कर दिया गया था।

अदियाला जेल में कैद हैं इमरान खान

एनएबी की ओर से दायर मामले में आरोप लगाया गया है कि इमरान खान, जो वर्तमान में अदियाला जेल में कैद हैं, ने बहरिया टाउन, कराची की भूमि के भुगतान के लिए निर्दिष्ट खाते में पाकिस्तान राज्य के लिए धन के अवैध हस्तांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इमरान पर जानबूझ कर जानकारी न देने का आरोप

यह भी दावा किया गया कि जानकारी देने के कई अवसर देने के बावजूद, आरोपी ने जानबूझ कर, गलत इरादे से, किसी न किसी बहाने से जानकारी नहीं दी। इस मामले में उल्लिखित संदिग्धों में प्रॉपर्टी टाइकून मलिक रियाज़ हुसैन और उनके बेटे अहमद अली रियाज़, मिर्ज़ा शहजाद अकबर और जुल्फी बुखारी शामिल हैं। हालांकि, जांच और उसके बाद की अदालती कार्यवाही में शामिल होने के बजाय, वे फरार हो गए और बाद में उन्हें घोषित अपराधी (पीओ) घोषित कर दिया गया।

बुशरा बीबी की करीबी दोस्त भी अपराधी घोषित

बुशरा बीबी की करीबी दोस्त फरहत शहजादी और पीटीआई सरकार की एसेट्स रिकवरी यूनिट के कानूनी विशेषज्ञ जियाउल मुस्तफा नसीम को भी घोषित अपराधी घोषित किया गया। इसके बाद सभी छह आरोपियों की संपत्ति जब्त कर ली गई थी।

टाल दिया गया

न्यायाधीश मोहम्मद बशीर को 26 जनवरी को इमरान खान और उनकी पत्नी पर अभियोग लगाना था। हालाँकि, अभियोग को 30 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया। फिर इसे 10 फरवरी के लिए निर्धारित किया गया था हालाँकि, इसे फिर से 27 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया।

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