
ख्वाजा आसिफ के बयान पर नेतन्याहू ने किया पलटवार (Photo-IANS)
Khawaja Asif Israel Cancer Remark: अमेरिका और ईरान के मध्य सीजफायर के बाद पाकिस्तान और इजरायल के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को कैंसरग्रस्त देश बताया है। इसके बाद यहूदी देश भड़क गया और पाकिस्तान को जवाब दिया है। दरअसल, पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ था। इसके बाद लेबनान को लेकर विवाद चल रहा है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इजरायल को बुराई और इंसानियत के लिए अभिशाप बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, लेकिन लेबनान में नरसंहार हो रहा है।
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान इजरायल लगातार खून-खराबा कर रहा है। फिलिस्तीनी जमीन पर बने इस ‘कैंसर जैसे राज्य’ को बनाने वालों को जहन्नुम में जाना चाहिए।
पाकिस्तान के इस बयान के बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पलटवार किया है। उन्होंने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक वाला बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की तरफ से ऐसा बयान स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर उस देश से जो खुद को शांति का मध्यस्थ बता रहा हो।
वहीं, इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सआर ने भी पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए इसे यहूदी-विरोधी बयान बताया और कहा कि ऐसे शब्द इजरायल के अस्तित्व को खत्म करने की मांग जैसे हैं।
वहीं पाकिस्तान के बयान के बाद इजरालय ने वार्निंग दी है। इजरायली पीएम की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया कि इजरायल के विनाश की बात बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिलचस्प बात यह है कि इजरायल और पाकिस्तान के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं; फिर भी, इस तरह की सीधी बयानबाजी एक दुर्लभ स्थिति मानी जा रही है।
इजरायल के भारत में राजदूत रियूवेन अजार ने भी कहा कि इजरायल पाकिस्तान को शांति वार्ता में विश्वसनीय मध्यस्थ नहीं मानता।
नेतन्याहू ने साफ किया कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि सीजफायर हर जगह लागू है। लेबनान को लेकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार तीखी बयानबाजी भी शुरू है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर शुरू हुआ सीजफायर अब कमजोर पड़ता दिख रहा है। अगर लेबनान में हिंसा जारी रहती है, तो पूरी शांति प्रक्रिया पटरी से उतर सकती है।
Updated on:
10 Apr 2026 07:58 am
Published on:
10 Apr 2026 07:47 am
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