
Karachi port (Representational Photo)
भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच तनाव की स्थिति किसी से भी छिपी नहीं है। इस समय भारत और बांग्लादेश (Bangladesh) के संबंध भी कुछ खास नहीं चल रहे हैं। ऐसे में अब पाकिस्तान ने एक नई चाल चली है। पाकिस्तान ने बांग्लादेश को कराची पोर्ट (Karachi Port) का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। इससे पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच आर्थिक और सामरिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है। यह फैसला इस्लामाबाद में आयोजित पाकिस्तान–बांग्लादेश संयुक्त आर्थिक आयोग की नौवीं बैठक के दौरान लिया गया।
दोनों देशों के बीच यह बैठक लगभग 20 साल बाद आयोजित की गई, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते संवाद का संकेत है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कराची पोर्ट तक पहुंच मिलने से बांग्लादेश को चीन और मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार नेटवर्क बढ़ाने का अवसर मिलेगा। पाकिस्तान ने इस समझौते को क्षेत्रीय सहयोग को गहराने वाला कदम बताया है। दोनों देशों ने अपनी राष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के बीच तालमेल और व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर सहमति जताई है। यह फैसला दक्षिण एशिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच खास महत्व रखता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान का यह कदम न सिर्फ अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सुधारने का प्रयास है, बल्कि भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव का रणनीतिक फायदा उठाने की कोशिश भी है। भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ महीनों में काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत ने बांग्लादेश से आने वाले कई उत्पादों जैसे- जूट, तैयार वस्त्र और खाद्य सामग्री पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। हाल ही में भारत ने कुछ जूट उत्पादों और रस्सियों के आयात को केवल न्हावा शेवा बंदरगाह के माध्यम से अनुमति दी है, जिससे भूमि मार्ग से व्यापार बाधित हुआ है। भारत ने अप्रैल में एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट सुविधा भी रद्द कर दी थी। ऐसे में पाकिस्तान, भारत-बांग्लादेश के बीच तनाव को अपने फायदे के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है।
Updated on:
29 Oct 2025 10:45 am
Published on:
29 Oct 2025 10:45 am
