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‘आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं!’ इजरायली संसद से PM मोदी का दुनिया को कड़ा संदेश, पाकिस्तान का नाम लिए बिना घेरा

इजरायल की धरती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो स्वागत हुआ है, उसने कूटनीति के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 2026 की इस यात्रा ने भारत-इजरायल दोस्ती को एक नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया है।

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PM Modi meets with PM Benjamin Netanyahu in Tel Aviv

PM Modi meets with PM Benjamin Netanyahu

PM Modi Israel Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल की संसद (नेसेट) को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया और दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं चल सकता। यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री नेसेट को संबोधित कर रहा है। सदन में 'मोदी-मोदी' के नारे गूंजे और सांसदों ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया। पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले को 'बार्बरिक टेररिस्ट अटैक' बताते हुए कहा, 'हम आपका दर्द महसूस करते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस पल और आगे भी इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है।' उन्होंने जोर देकर कहा, 'कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता। कुछ भी आतंकवाद को जस्टिफाई नहीं कर सकता।'

'हम आपके दर्द को महसूस करते हैं!'

मोदी ने भारत के आतंकवाद के दर्द को याद किया और कहा, 'भारत ने भी लंबे समय से आतंकवाद का दर्द झेला है। हम 26/11 मुंबई हमलों को याद करते हैं, जिसमें निर्दोष जानें गईं, जिसमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे।' उन्होंने आगे कहा, 'आपकी तरह, हमारे पास भी आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की सुसंगत और अटल नीति है-आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं।'

पाकिस्तान का नाम लिए बिना बोला हमला

यह संदेश पाकिस्तान का नाम लिए बिना स्पष्ट रूप से उन देशों पर था जो आतंकवाद को अलग-अलग नजरिए से देखते हैं-एक तरफ खुद पीड़ित बनते हैं, दूसरी तरफ आतंकियों को पनाह देते हैं। मोदी ने कहा, 'आतंक कहीं भी हो, शांति हर जगह खतरे में पड़ जाती है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक कार्रवाई जरूरी है।'

26/11 और हमास हमले पर दिया बड़ा बयान

पीएम मोदी ने क्षेत्रीय शांति पर भी बात की। उन्होंने गाजा पीस इनिशिएटिव का समर्थन दोहराया, जो UN सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा समर्थित है। कहा, 'शांति का रास्ता आसान नहीं, लेकिन भारत क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए इजरायल और दुनिया के साथ जुड़ा है। हम फिलिस्तीन मुद्दे को भी संबोधित करते हुए न्यायपूर्ण और टिकाऊ शांति चाहते हैं।'

'मैं उसी दिन पैदा हुआ, जब भारत ने इजरायल को मान्यता दी!'

नेसेट में मोदी का जन्मदिन का जिक्र भी आया—उन्होंने कहा कि वे 17 सितंबर 1950 को पैदा हुए, जिस दिन भारत ने इजरायल को औपचारिक रूप से मान्यता दी थी। 'मैं उस भूमि पर लौटकर खुश हूं, जिसके प्रति हमेशा आकर्षण महसूस किया।'

इजरायल में 'मोदी-मोदी' की गूँज!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर इजरायल पहुंचते ही एक दिल छू लेने वाला और हल्का-फुल्का पल देखने को मिला, जिसने पीएम मोदी को जोर-जोर से हंसने पर मजबूर कर दिया। बेन गुरियन एयरपोर्ट पर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया। यह मोदी की 9 साल बाद दूसरी इजरायल यात्रा है—पहली जुलाई 2017 में हुई थी।

गले लगाकर किया स्वागत

विमान से उतरते ही नेतन्याहू ने बाहें फैलाकर 'अपने मित्र' मोदी का गर्मजोशी से गले लगाया। दोनों ने हाथ मिलाया और नेतन्याहू ने अंग्रेजी में कहा, "You are a great leader… wonderful leader… no greater friend." उन्होंने मोदी की जमकर तारीफ की और कहा, "Good to see you." इसके बाद सारा नेतन्याहू से परिचय कराया गया।