
PM Narednra Modi Visit to Russia And Austria on 8 to 10 July
PM Modi Russia Visit: अमेरिका के लाख प्रतिबंध लगाने के बावजूद भारत और रूस के संबंधों में कोई कमी नहीं आई है। अब इन्हीं संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) रूस की यात्रा पर जा रहे हैं। जो तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद PM मोदी की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी और रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine) के दौरान ये उनकी पहली यात्रा होगी। जो ये दिखाता है कि भारत किसी से डरने वाला नहीं है। चाहे वो खुद दुनिया की महाशक्ति अमेरिका ही क्यों ना हो। बता दें कि इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रिया (PM Modi Austria Visit) भी जाएंगे। ये दोनों यात्राएं 8 से 10 जुलाई के बीच होगी।
प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीसरी बार कार्यभार संभालने के बाद PM मोदी की ये पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। ऑस्ट्रिया (Austria) में भारत के राजदूत शंभू कुमारन के मुताबिक भारत और ऑस्ट्रिया दोनों देश वर्तमान में द्विपक्षीय संबंधों की स्थापना का 60वीं सालगिरह मना रहे हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच स्टार्टअप और हाई-टेक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे। खास बात यह होगी कि 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के बाद वियना यानी ऑस्ट्रिया जाने वाले नरेंद्र मोदी ऐसे दूसरे प्रधानमंत्री होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस की यात्रा पर जा रहे हैं। जिसे लेकर पूरी दुनिया में हलचल है। एक तरफ यूक्रेन के समर्थन में अमेरिका समेत दुनिया भर के देश रूस से किनारा कर रहे हैं और तमाम तरह के प्रतिबंध लगा रहे हैं वहीं विश्व की नई ताकत बनकर उभर रहा भारत उसी रूस से करीब हो रहा है। ऐसे में इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच क्या बातें होती हैं क्या समझौते होते हैं, इस पर अमेरिका की ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया की नज़रे रहेंगी।
अमेरिका के लगाए गए कई प्रतिबंधों के बावजूद, भारत ने रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाए रखा है। इन प्रतिबंधों के बावजूद, दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग जारी है।
CAATSA (Countering America's Adversaries Through Sanctions Act): 2017 में अमेरिका ने CAATSA के तहत रूस, ईरान, और उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए। इस कानून का उद्देश्य इन देशों की "दुश्मनी भरी गतिविधियों" को रोकना था। इसमें रूस के खिलाफ प्रतिबंधों में उसकी रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों को लक्षित किया गया।
क्रीमिया संकट-2014 में रूस के क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों ने रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया।
Updated on:
30 Jun 2024 04:51 pm
Published on:
30 Jun 2024 10:53 am
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