
PM Narendra Modi
PM Modi in Paris: फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित AI Summit 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से डीपफेक, AI के चलते लोगों में नौकरी जाने का डर समेत कई ऐसे मुद्दों पर बात की, जिनसे सिर्फ भारत ही हीं बल्कि पूरी दुनिया परेशान है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI (Artificial Intelligence) की स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि समेत कई सेक्टर्स में उपयोगिता और इस पर निर्भरता पर विस्तार से बात की।
PM Modi ने AI Action Summit 2025 के मंच से पूरी दुनिया को संबोधित करते हुए कहा कि सभी देशों को मिलकर प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना चाहिए और लोगों पर केंद्रित एप्लीकेशन बनाने चाहिए। सभी को साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीपफेक (Deepfake) की चिंताओं से दूर रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने AI के चलते लोगो में नौकरी जाने (Jobs Loss Due to AI) के डर की भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों में AI की वजह से नौकरी जाने का एक सबसे बड़ा डर बैठ गया है। नौकरियों का नुकसान AI की सबसे खतरनाक रुकावट है। लेकिन हमें इतिहास में दिखाया गया है कि प्रौद्योगिकी के चलते नौकरी कभी खत्म नहीं हुई हैं। क्योंकि इससे सिर्फ काम करने की प्रकृति बदल है और नई तरह की नौकरियां पैदा हो जाती हैं। इसके लिए सभी देश AI संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कुशल बनाने के लिए निवेश करें।
आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस एक्शन समिट 2025 में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI से स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार लाया जा सकता है और लाखों लोगों के जीवन को बदला जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया से AI के लिए संसाधनों और प्रतिभा को एक साथ लाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि AI पहले से ही हमारी राजनीति, हमारी अर्थव्यवस्था, हमारी सुरक्षा और यहां तक कि हमारे समाज को नया आकार दे रहा है। AI इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रहा है। लेकिन, यह मानव इतिहास में अन्य प्रौद्योगिकी मील के पत्थरों से बहुत अलग है।
Updated on:
11 Feb 2025 05:29 pm
Published on:
11 Feb 2025 05:03 pm
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