
Donald Trump (Washington Post)
Conflict in Middle east: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच बड़ा बयान देकर टेंशन बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेनेजुएला-ईरान के बाद एक अन्य देश पर हमला करने का संकेत दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मैं किसी न किसी रूप में क्यूबा को लूंगा। चाहे मैं उसे आजाद करूं या अपने नियंत्रण में ले लूं। उन्होंने कहा कि मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैं किसी न किसी रूप में क्यूबा को लूंगा। चाहे मैं उसे आजाद करूं या अपने नियंत्रण में ले लूं। मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं। अमेरिका के इतिहास में पहली बार ऐसा बयान आया है, जब किसी राष्ट्रपति ने खुलेआम क्यूबा पर कब्जा करने की बात कही है। दरअसल, ट्रंप से पूछा गया कि वह क्यूबा को अपने कब्जे में लेने का इरादा रखते हैं। इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने क्यूबा के लिए यह बयान दिया है।
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच क्यूबा को लेकर दिया गया ट्रंप का बयान बेहद चौकाने वाला है। अगर अमेरिका-क्यूबा के आपसी संबंधों की बात करें तो दोनों देशों में करीब 65 वर्षों से तनाव चल रहा है। हालांकि, लंबे समय से दोनों देशों के बीच चल रहे तनावपूर्ण रिश्तों के बावजूद किसी भी राष्ट्रपति ने सार्वजनकि तौर पर कब्जा करने की बात नहीं की है। ट्ंरप के बयान से अमेरिका-क्यूबा के बीच लंबे समय से चल रहे राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई हवा दे दी है।
ट्रंप ने क्यूबा पर कब्जा करने की बात कहने से पहले भी बड़ा दावा किया था। ट्रंप ने इसके पहले कहा था कि उनका प्राथमिक ध्यान ईरान पर है, लेकिन क्यूबा को लेकर उनकी योजना भी स्पष्ट है। ट्रंप ने रविवार को कहा था कि हम क्यूबा को संभाल रहे हैं और जल्द ही कोई बड़ा कदम उठाएंगे। अब ट्रंप के बयान को क्यूबा के लिए वास्तविक नीति के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप द्वारा क्यूबा पर कब्जा करने की बात कहने से पहले इसी साल अमेरिका वेनेजुएला और ईरान में सैन्य कार्रवाई कर चुका है। ऐसे में ट्रंप का बयान को सिर्फ मजाक या अचानक कही गई बात नहीं माना जा सकता है, बल्कि इस बयान को एक संभावित अगला कदम समझा जा रहा है। बता दें कि अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली तेल सप्लाई बंद कर दी है। इसके साथ ही अमेरिका ने क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों को भी चेतावनी दी है। अमेरिका ने साफ कहा है कि क्यूबा को तेल न दें। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को रोक लिया था।
अमेरिका द्वारा क्यूबा की तेल सप्लाई बंद करने से इसका खासा असर हुआ है। अमेरिका की कार्रवाई के बाद क्यूबा में 9 जनवरी के बाद से वहां कोई बड़ी तेल सप्लाई नहीं पहुंची है। सप्लाई नहीं होने की वजह से क्यूबा में तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल के दाम करीब 35 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा वहां रोजाना बिजली कट रही है। बीते सोमवार को पूरे क्यूबा में ब्लैकआउट हुआ। जिसकी वजह से वहां के अस्पतालों में सर्जरी और अन्य मेडिकल सेवाएं ठप रहीं। इसके अलावा क्यूबा में महंगाई बढ़ने की वजह से दवाइयों की कमी हो रही है।
Updated on:
18 Mar 2026 09:55 pm
Published on:
18 Mar 2026 09:54 pm
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