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Work from home सुविधा मांगने पर कंपनी ने गर्भवती महिला को नौकरी से निकाला, अब मिला 1 करोड़ रुपए का मुआवज़ा

Pregnant employee dismissal एक महिला को बहुत अजीब कारण बता कर नौकरी से निकाल दिया गया। मामला न्यायाधिकरण में पहुंचा और केस जीतने पर उसे एक मोटी रकम के रूप में मुआवजा मिला।
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भारत

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MI Zahir

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Updated: 19 Feb 2025, 4:51 PM IST

Work from Home

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Pregnant employee dismissal: भारत में गर्भवती महिलाओं को मैटरनिटी लीव मिलने का प्रावधान है। कुछ कंपनियां गर्भवती महिलाओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए उन्हें सुविधाजनक काम देती हैं। यहां तो एक ​गर्भवती महिला (Pregnant woman) को नौकरी से निकाल दिया गया (UK Woman Fired)। कुसूर यह था कि एक गर्भवती महिला पाउला मिलुस्का ने अपनी हालत खराब होने के कारण बस वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मांगी थी। वह बर्मिंघम स्थित रोमन प्रॉपर्टी ग्रुप लिमिटेड में निवेश सलाहकार थी। जानकारी के अनुसार पाउला ने मार्च 2022 में एक कंपनी ज्वाइन की और उसने उसी साल अक्टूबर में बॉस को गर्भावस्था के बारे में जानकारी दी। उसके बाद अगले महीने से बहुत बुरी हालत होने के कारण उसका कार्यालय में काम करना दूभर हो गया। उसके बॉस ने कंपनी के संघर्षों का हवाला देते हुए एक "जानबूझ कर अस्पष्ट" पाठ भेजा और इसे एक दुखी "जैज़ हैंड्स" इमोजी के साथ समाप्त किया और कंपनी ने उसे बर्खास्त कर दिया (Pregnant employee dismissal) । यूके रोज़गार न्यायाधिकरण (UK employment Tribunal ) इससे खुश नहीं था।

मज़ाक़ में सवाल किया कि इसे "सुबह की बीमारी" क्यों कहा जाता है ?

इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बर्खास्तगी को भेदभावपूर्ण बताया गया और मुआवजे के रूप में उसे £94,000 (लगभग 1 करोड़) रुपए का मुआवजा दिया गया। पाउला ने हालत खराब होने के कारण बॉस को संदेश भेज कर घर से काम करने के लिए कहा। उसने प्रार्थना पत्र में दाई की सलाह के अनुसार स्वास्थ्य और सुरक्षा मूल्यांकन का भी उल्लेख किया था।मामले के अनुसार अम्मार ने 26 नवंबर को स्थिति की जाँच की। पाउला ने जवाब देते हुए कहा कि बीमारी "भयानक" लगती है और मजाक में सवाल किया कि इसे "सुबह की बीमारी" क्यों कहा जाता है ? जबकि यह पूरे दिन को प्रभावित करती है।

वह छह बार बीमार हुई और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ी

अगली शाम, अम्मार ने पूछा कि क्या अगले सप्ताह कुछ दिन काम करना और शाम 4 बजे तक काम ख़त्म करना संभव है, क्योंकि वह छुट्टी पर जा रहा था। हालांकि, पाउला ने बताया कि वह उस दिन छह बार बीमार हुई और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ी, जिससे उसका काम करना असंभव हो गया। कुछ दिनों बाद, 1 दिसंबर को, अम्मार ने संदेश भेजा, जिसमें कहा गया कि कंपनी को कार्यालय में किसी व्यक्ति की शारीरिक उपस्थिति की आवश्यकता है।

उम्मीद है कि जल्द ही आपसे मुलाकात होगी

संदेश के अंत में कहा गया, “उम्मीद है कि जल्द ही आपसे मुलाकात होगी। हमें काम के अलावा भी बहुत कुछ करना है। पाउला ने भ्रमित और व्यथित होकर उत्तर दिया, “जो कुछ हो रहा है उससे मैं बहुत दुखी और भ्रमित हूं। जब से मैंने आपको बताया कि मैं गर्भवती हूं, मैं सहमति के अनुसार दूर से काम कर रही हूं… और अब आप ऐसे में मुझे नौकरी से निकाल रहे हैं?'

पाउला के पक्ष में ट्रिब्यूनल नियम

ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया कि अम्मार के संदेश ने स्पष्ट रूप से रोजगार समाप्त कर दिया है, बाद में यह तर्क देने के प्रयासों के बावजूद कि कोई बर्खास्तगी नहीं हुई थी। पैनल ने पाया कि बर्खास्तगी सीधे तौर पर गर्भावस्था से जुड़ी थी, जिससे यह गैर कानूनी हो गया। रोजगार न्यायाधीश गैरी स्मार्ट ने कहा, "यह बात साफ है कि इस मैसेज ने उसकी नौकरी समाप्त कर दी है।" नतीजतन, पाउला को गर्भावस्था में भेदभाव और अनुचित बर्खास्तगी के मुआवजे के रूप में £94,000 ( लगभग 1 करोड़ रुपये) का मुआवजा दिया गया।

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