
'Putin will lose, China will strengthen': Boris Johnson's 3 predictions on Ukraine
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रूस, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन को लेकर बड़ी भविष्यवाणियां की हैं। बोरिस जॉनसन ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट के पांचवें और अंतिम दिन तीन भविष्यवाणियां की और यूनाइटेड किंगडम और भारत के बीच मजबूत आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य संबंधों के बारे में भी बात की। जॉनसन ने कहा कि यूक्रेन से रूस युद्ध हारेगा। उन्होंने कहा कि पुतिन ऐसी लड़ाई लड़ रहे हैं जिसे कभी जीता नहीं जा सकता।
यूक्रेन पर रूस के आक्रमण पर जॉनसन ने अपनी तीन भविष्यवाणियां कीं। फरवरी में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा शुरू किया गया 'विशेष सैन्य अभियान' जो समापन का कोई संकेत नहीं दिखाता, को लेकर पहली भविष्यवाणी करते हुए जॉनसन ने कहा कि पुतिन इस युद्ध को कभी जीत नहीं सकते। जॉनसन ने कहा- "पुतिन यूक्रेन में युद्ध हार जाएंगे और वह इसी के लायक हैं।"
दूसरी भविष्यवाणी करते हुए जॉनसन ने कहा, "रूस का सैन्य उपकरणों का निर्यात बुरी तरह बिगड़ेगा। रूसी युद्ध मशीन के लिए एक विनाशकारी विज्ञापन है। इनकी 60 प्रतिशत सटीक मिसाइलें बेकार भी निकलीं।" जॉनसन ने यह भी बताया कि रूस जो भारत को अरबों हथियारों का निर्यात करता है बेहतर बल होने के बावजूद यूक्रेनी हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करने में विफल रहा है।
वहीं तीसरी भविष्यवाणी करते हुए जॉनसन ने कहा, "रूस कमजोर होगा और चीन मजबूत होगा। आप पहले से ही देख सकते हैं कि उज्बेकिस्तान और पूरे पूर्व सोवियत संघ और उसके बाहर भी हो रहा है। हम खतरनाक समय में जी रहे हैं और निरंकुश शासकों के गैर जिम्मेदार और खतरनाक व्यवहार के खिलाफ ब्रिटेन और भारत को साथ आना होगा।"
जॉनसन ने आगे कहा, "यूक्रेन से युद्ध पुतिन हारेगा लेकिन ये हमारी चिंता का विषय नहीं है कि वो कैसे अपनी हार मानेंगे। पुतिन प्रोपेगंडा के उस्ताद हैं और अपने लोगों को वो काला को सफेद भी समझा सकते हैं। हारने के बाद भी पुतिन अपने लोगों से यह कह सकते हैं कि हमने जिस मकसद से यूक्रेन पर हमला किया था, वो हमने हासिल कर लिया है और हमारी जीत हुई है।"
जॉनसन ने पुतिन की खिल्ली उड़ाते हुए कहा, "पुतिन शी जिनपिंग के Punk हैं।" उन्होंने चीन का संदर्भ देते हुए कहा कि रूस को 'एक मुखर विशाल कुंग-फू पांडा द्वारा चारों ओर धकेला जा रहा है'। दक्षिण चीन सागर विवाद पर उन्होंने कहा, "APAC (एशिया-पेसिफिक) क्षेत्र में हम जो तनाव देख रहे हैं और दक्षिण चीन सागर में यूक्रेन व ताइवान में जो हो रहा है, उसके साथ स्पष्ट सह-संबंध को देखते हुए यह हमेशा से अधिक महत्वपूर्ण है कि हम दो लोकतंत्र आर्थिक स्वास्थ्य और सामूहिक स्थिरता के लिए मिलकर काम करें।"
यह भी पढ़ें: G-20 में पीएम मोदी से मिलने को उत्सुक हैं जो बाइडेन, शी जिनपिंग से भी करेंगे मुलाकात
Published on:
12 Nov 2022 02:22 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
