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Sheikh Hasina की बांग्लादेश वापसी पर PM Tarique Rahman के सलाहकार ने उठाए सवाल, बोले- ‘तीन महीने और क्यों इंतजार?’

Sheikh Hasina December Return: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के ऐलान पर सैयद मोआज्जेम हुसैन अलाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि हसीना को न्यायिक और राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा है तो उन्हें तुरंत बांग्लादेश लौटना चाहिए। वहीं, हसीना ने कहा है कि वह अपने समर्थकों और देशवासियों के बीच वापस आना चाहती हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में सुनाई गई मौत की सजा भी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
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Sheikh Hasina Bangladesh Return News.

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना। (Photo- ANI)

Sheikh Hasina Bangladesh Return: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार सैयद मोआज्जेम हुसैन अलाल ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें देश की न्यायिक और राजनीतिक व्यवस्था का सामना करने का भरोसा है, तो उन्हें तुरंत वापस आना चाहिए।

प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार ने कहा, 'दिसंबर में क्यों? यदि वह दृढ़ हैं तो अभी आ जाएं। अभी अगस्त है। सितंबर, अक्टूबर, नवंबर… तीन महीने और क्यों इंतजार? उन्हें अभी लौटना चाहिए। फिर बांग्लादेश की जनता और यहां की व्यवस्था उनका सामना करेगी। बांग्लादेश की न्यायिक व्यवस्था, प्रशासन और जनता की राय तय करेगी कि उनका स्वागत होगा या उन्हें जेल जाना पड़ेगा।' अलाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को घोषणा की कि वह दिसंबर में अपने देश लौटेंगी।

इस दौरान सैयद मोआज्जेम हुसैन अलाल ने शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद की उस टिप्पणी की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश 'एक और पाकिस्तान' बन गया है। अलाल ने इस बयान को अपमानजनक और बांग्लादेश की संप्रभुता में हस्तक्षेप बताया।

शेख हसीना बोलीं- 'मैं अपनों के बीच लौटूंगी'

अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल होने के बाद शेख हसीना ने बुधवार को पहली बार वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह विदेश में नहीं रह सकतीं, जबकि उनके समर्थक और देशवासी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'मेरी किस्मत में जो भी लिखा होगा, मैं अपने लोगों के बीच लौटूंगी। जब मेरे प्रिय देशवासी कष्ट झेल रहे हैं तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती। मैं दिसंबर में वापस जाना चाहती हूं।'

शेख हसीना को सुनाई जा चुकी है मौत की सजा

पिछले वर्ष दिसंबर में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने जुलाई-अगस्त 2024 की अशांति के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले में शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी। वहीं, इस मामले में सरकारी गवाह बने पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।