
Robot smaller than grain of salt (Photo - Washington Post)
अमेरिकी वैज्ञानिकों ने ऐसा रोबोट (Robot) बनाया है, जो नमक के एक दाने (Grain of Salt) से भी छोटा है। यह रोबोट खुद महसूस कर सकता है, सोच सकता है और काम कर सकता है। यह खोज 40 साल पुरानी एक मुश्किल समस्या को हल करती है। पहले इतने छोटे रोबोट में कंप्यूटर, सेंसर और मोटर एक साथ फिट करना नामुमकिन-सा लगता था, लेकिन अब टेक्नोलॉजी काफी बदल चुकी है और इस वजह से ऐसा करना संभव है।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह इस तरह का पहला छोटा रोबोट है, जो इतनी छोटी साइज़ का होकर भी खुद सोचकर फैसला ले सकता है। यह रोबोट पुराने रोबोट्स से 100 गुना छोटा है, लेकिन ज़्यादा असरदार है। फिलहाल यह रोबोट सिर्फ लैब में काम करता है। इसे इंसानी शरीर के लिए सुरक्षित बनाना अभी बाकी है। अभी यह मीठे पानी में तैर सकता है, लेकिन नमकीन पानी या ज़मीन पर चलने लायक नहीं है। हालांकि अच्छी बात यह है कि इसे चलाना आसान है।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार यह रोबोट एक मिलीमीटर से भी छोटी साइज़ का है। इसमें 55 नैनोमीटर का एक छोटा कंप्यूटर लगा है। साथ ही तापमान महसूस करने वाले सेंसर हैं जो 0.3 डिग्री तक सही काम करते हैं। यह रोबोट सूरज की रोशनी से चलता है क्योंकि इसमें सोलर सेल लगे हैं। बाहर से एक कांच जैसी परत इसे बचाती है। वैज्ञानिकों ने इसे 55 नैनोमीटर टेक्नोलॉजी से बनाया है जिससे बिजली की खपत कम हो।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रोबोट इलाज में क्रांति ला सकता है। छोटे रोबोट शरीर की नसों में घुसकर सही जगह दवा पहुंचा सकते हैं। ब्लॉक हुई नसों को ठीक कर सकते हैं। सेल्स पर नज़र रख सकते हैं। इससे सर्जरी की ज़रूरत कम हो जाएगी। एक रिसर्चर ने इस बारे में बात करते हुए बताया कि 10 साल में इसका असली इस्तेमाल शुरू हो सकता है। अभी यह लैब में है लेकिन जल्दी ही शरीर के अंदर काम करने लायक बन जाएगा, जिससे इलाज करना काफी आसान हो सकता है।
Updated on:
15 Dec 2025 11:00 am
Published on:
15 Dec 2025 11:00 am
