
डोनाल्ड ट्रंप और निकोलस मादुरो
US actions against Venezuela: अमेरिकी डेल्टा फोर्सेज ने शनिवार देर रात वेनेजुएला पर बम बरसाए और काराकास में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया। वह उन्हें लेकर न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं। उन पर नार्को-टेररिज्म के आरोपों में फेडरल कोर्ट में ट्रायल का सामना करना होगा। इसके बाद मादुरो को ब्रुकलिन की कुख्यात फेडरल जेल मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में रखा जाएगा, जहां वे मुकदमे का इंतजार करेंगे। मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित था। सोमवार को शुरुआती सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश होने की उम्मीद है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि मुकदमा न्यूयॉर्क से मियामी भी भेजा जा सकता है, जहां अमेरिका में रहने वाले वेनेजुएला वासियों की बड़ी संख्या है। मादुरो की गिरफ्तारी की खबर पर वहां खुशी का माहौल देखा गया। ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क, मियामी या फ्लोरिडा के किसी अन्य स्थान पर मुकदमा चलाने का फैसला किया जाएगा। उन्होंने इस गिरफ्तारी को ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई बताया है, ताकि इसे एक सामान्य कानून-व्यवस्था की कार्रवाई के रूप में दिखाया जा सके।
इधर, अमेरिकी कार्रवाई के बाद दक्षिण अमेरिकी देश भड़क गए। चिली, क्यूबा, कोलंबिया के राष्ट्राध्यक्षों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने कहा कि पेडोफाइल का एक गैंग हमारे लोकतंत्र को खत्म करना चाहता है। जेफ्री एपस्टीन की लिस्ट को बाहर आने से रोकने के लिए, वे मछुआरों को मारने के लिए युद्धपोत भेजते हैं और अपने तेल के लिए हमारे पड़ोसी को हमले की धमकी देते हैं।
क्यूबा के राष्ट्रपति ने मिगुएल डियाज़-कैनेल बरमूडेज़ राजधानी हवाना में रैली को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने साम्राज्यवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके साथ ही वेनेज़ुएला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ एकजुटता ज़ाहिर की गई। क्यूबा के राष्ट्रपति इस बड़ी रैली में सबसे आगे खड़े थे। चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने कहा कि आज वेनेजुएला पर हमला हुआ है। कल किसी और पर भी हो सकता है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी अमेरिकी कार्रवाई के विरोध में जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं।
फिलहाल मादुरो की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अपने पद पर बनी रहेंगी। ट्रंप ने कहा कि वह मूल रूप से वही करने को तैयार हैं जो हमें लगता है कि वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए जरूरी है। हालांकि, रोड्रिगेज ने कड़ा जवाब देते हुए अमेरिका पर आक्रामकता का आरोप लगाया और कहा कि यह सत्ता परिवर्तन की साजिश है, ताकि वेनेजुएला के तेल, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा किया जा सके। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति केवल निकोलस मादुरो ही हैं।
Updated on:
04 Jan 2026 09:51 am
Published on:
04 Jan 2026 09:51 am
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