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फुटबॉल खेलते वक्त हुआ ऐसा हादसा 36 साल की महिला को करानी पड़ी 37 सर्जरी

37 Surgeries on Women: अमेरिका के इलिनॉय राज्य में रहने वाली 36 साल की मेगन किंग की 37 सर्जरी के बाद खोपड़ी को फिर रीढ़ से जोड़ दिया है।
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भारत

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Devika Chatraj

Apr 14, 2025

कहा जाता है कि हिम्मत और हौसले से पहाड़ जैसी मुश्किलेंं भी दूर हो जाती हैं। अमेरिका के इलिनॉय राज्य में रहने वाली 36 साल की मेगन किंग ने इसे साबित कर दिया है। करीब 20 साल पहले फुटबॉल खेलते हुए गिरने से उनकी खोपड़ी और रीढ़ की हड्डी का संपर्क करीब-करीब टूट गया था। डॉक्टरों ने 37 सर्जरी के बाद उनकी खोपड़ी को फिर रीढ़ से जोड़ दिया है। लंबे शारीरिक कष्ट के बाद वह नए सिरे से जीने की कला सीख रही हैं।

16 साल उम्र में फटी मांसपेशियां

मेगन ने डेली मेल से बातचीत में बताया कि 2005 में जब वह 16 साल की थीं, जिम क्लास में फुटबॉल के लिए कूद रही थीं। गिरने से टखना मुड़ गया। दोनों कंधों की मांसपेशियां फट गईं। रीढ़ की हड्डी को भी चोट पहुंची। हालत बिगड़ती चली गई। शरीर के जॉइंट कमजोर होने लगे। अंदरूनी मांसपेशियां फटने से असहनीय दर्द होने लगे।

गंभीर बीमारी से परेशान

मेगन ने पहले कंधों और ऊपरी पीठ पर 22 सर्जरी कराई। डॉक्टर समझ नहीं पा रहे थे कि उनका शरीर ठीक क्यों नहीं हो रहा है। हादसे के 10 साल बाद 2015 में मेगन किंग में हाइपरमोबाइल एहलर्स-डैनलोस सिंड्रोम (एचईडीएस) का पता चला। यह दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है, जो संयोजी ऊतकों को कमजोर करती है और जोड़ों को अस्थिर बनाती है।

आंतरिक सिर कटने से और बिगड़ी दशा

इलाज के दौरान 2016 में मेगन की गर्दन की हड्डी खिसक गई। डॉक्टरों ने हेलो ब्रेस की मदद से गर्दन को कंट्रोल किया। इससे खोपड़ी में स्क्रू के जरिए गर्दन को स्थिर रखा जाता है। एक साल बाद जब ब्रेस हटाया जा रहा था, खोपड़ी रीढ़ से लगभग अलग हो गई। इसे मेडिकल भाषा में अटलांटो-ऑक्सिपिटल डिस्लोकेशन (आंतरिक सिर कटना) कहते हैं। ऐसे 90त्न से ज्यादा मामलों में मरीज की मौत हो जाती है। डॉक्टरों ने इमरजेंसी सर्जरी कर मेगन की जान बचाई।

इंसानी मूर्ति बन गई

मेगन ने बताया कि इमरजेंसी सर्जरी से पहले ऐसा लगा कि मौत सामने खड़ी है। फिलहाल वह न तो झुक सकती हैं, न मुड़ सकती हैं और न सिर किसी भी दिशा में हिला सकती हैं। वह कहती हैं, ‘मैं इंसानी मूर्ति बन चुकी हूं। मेरी रीढ़ बिल्कुल नहीं हिलती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैंने जीना छोड़ दिया।'

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