
रविवार को सिडनी में दो शूटरों ने गोलीबारी की। (Photo-IANS)
सिडनी के बॉन्डी बीच पर रविवार को भयानक आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें दो बंदूकधारियों ने यहूदी समुदाय के लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में 16 लोग मारे गए। जिनमें एक 12 साल का बच्चा भी शामिल है। इस हमले में 29 से ज्यादा लोग घायल हुए।
इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है। अल्बनीज ने कैनबरा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अब सरकार नए बैन और गैर-कानूनी फायरआर्म्स को खरीदने और नष्ट करने के लिए एक नेशनल बायबैक शुरू करेगी।
खास बात यह है कि यह स्कीम भी 1996 में तस्मानिया के आइलैंड स्टेट के पोर्ट आर्थर में जानलेवा हमले के जवाब में शुरू की गई बायबैक स्कीम की तरह होगी। जिसमें 35 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
रविवार रात बॉन्डी बीच पर 16 लोगों की जान लेने वाली गोलीबारी 1996 के हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया की सबसे जानलेवा मास फायरिंग थी। जिसके बाद देश के गन कानूनों में बड़े बदलाव किए गए।
अल्बनीज ने शुक्रवार को कहा कि अभी ऑस्ट्रेलिया में 4 मिलियन से ज्यादा फायरआर्म्स हैं, जो पोर्ट आर्थर हत्याकांड के समय की संख्या से ज्यादा हैं। बायबैक के तहत कलेक्शन, प्रोसेसिंग और पेमेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया के राज्य और इलाके जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आगे बताया कि सरेंडर किए गए हथियारों को पुलिस नष्ट करेगी।
अल्बनीज ने कहा कि अब लाखों हथियार इकट्ठा किए जाएंगे और उन्हें नष्ट किए जाएंगे। बता दें कि सिडनी के बॉन्डी बीच पर रविवार को फायरिंग की घटना में शामिल दो हथियारबंद लोगों में से एक साजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला है, लेकिन 1998 में ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद परिवार से उसका कम संपर्क था।
उधर, तेलंगाना के पुलिस डायरेक्टर जनरल बी शिवधर रेड्डी ने कहा कि 1998 में जाने से पहले भारत में रहने के दौरान अकरम के खिलाफ राज्य पुलिस का कोई खराब रिकॉर्ड नहीं है।
डीजीपी ने एक बयान में कहा कि साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद के कट्टरपंथी बनने की वजहों का भारत या तेलंगाना में किसी लोकल असर से कोई लेना-देना नहीं लगता है।
उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना पुलिस जरूरत पड़ने पर सेंट्रल एजेंसियों और दूसरे काउंटरपार्ट्स के साथ सहयोग करने के लिए कमिटेड है।
पुलिस चीफ ने पब्लिक और मीडिया से अपील की कि वे बिना वेरिफाइड फैक्ट्स के अंदाजे या आरोप लगाने से बचें। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हमलावर ISIS आइडियोलॉजी से इंस्पायर्ड थे। इस बारे में आगे की जांच ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी कर रहे हैं।
Updated on:
19 Dec 2025 10:30 am
Published on:
19 Dec 2025 10:30 am
