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ताइवान बॉर्डर के पास दिखे चीन के 103 वॉर प्लेन्स, दोनों देशों में बढ़ेगी टेंशन

China-Taiwan Conflict: चीन और ताइवान के बीच सालों से चल रहा विवाद जगजाहिर है। हाल ही में चीन के फिर कुछ ऐसा किया है जिससे दोनों देशों के बीच पहले से ही चली आ रही टेंशन और बढ़ेगी।

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Chinese warplanes near Taiwan

चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद जगजाहिर है। लंबे समय से चल रहे विवाद की वजह से चीन और ताइवान के बीच टेंशन भी रही है। पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच टेंशन और भी बढ़ी है। पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच टेंशन बढ़ने की वजह चीन का ताइवान बॉर्डर के पास समय-समय पर सैन्याभ्यास करना और ताइवान के एयरस्पेस के साथ ही सीस्पेस में घुसपैठ करना भी है। साथ ही ताइवान को अमेरिका (United States Of America) का समर्थन मिलने से भी चीन की नाराज़गी बढ़ी है। हाल ही में चीन ने फिर से कुछ ऐसा किया है जिससे उसके और ताइवान के बीच टेंशन और बढ़ेगी।


ताइवान बॉर्डर के पास दिखे 103 चाइनीज़ वॉर प्लेन्स

ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने आज एक बड़ी जानकारी दी है। ताइवान की डिफेंस मिनिस्ट्री के अनुसार आज ताइवान की बॉर्डर के पास 103 चाइनीज़ वॉर प्लेन्स (युद्ध विमान) देखे गए हैं। 103 में से 40 वॉर प्लेन्स ने ताइवान स्ट्रेट को पार भी किया और बॉर्डर नियमों का उल्लंघन किया।


पहले कई बार चीन ने किया है यह काम

चीन के वॉर प्लेन्स का ताइवान के पास इस तरह चक्कर लगाना और ताइवान की बॉर्डर (एयर, ग्राउंड या सी) इस तरह का पहला मौका नहीं है। चीन ऐसा पहले भी कर चुका है और कई बार। पिछले एक साल में चीन कई बार ऐसा कर चुका है। हालांकि इस पूरे मामले पर अब तक चीन की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है चीन और ताइवान के बीच विवाद की वजह?

दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच विवाद की यही वजह है।

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