2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किम जोंग उन की व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात का क्या फायदा मिल सकता है नॉर्थ कोरिया को? जानिए डिटेल्स

Kim Jong Un And Vladimir Putin Meeting: नॉर्थ कोरिया के तानाशाह राष्ट्रपति किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बुधवार को मीटिंग हुई। इस मीटिंग में दोनों ने कई अहम विषयों पर बातचीत की। इस मीटिंग का फायदा सिर्फ रूस को ही नहीं, नॉर्थ कोरिया को भी मिल सकता है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Tanay Mishra

•

Updated: 16 Sep 2023, 6:29 PM IST

putin_and_kim_meeting.jpg

Kim Jong Un meets Vladimir Putin

नॉर्थ कोरिया (North Korea) के तानाशाह राष्ट्रपति किम जोंग उन (Kim Jong Un) मंगलवार, 12 सितंबर को रूस (Russia) पहुंचे हैं। 4 साल में यह जोंग उन का पहला विदेश दौरा रहा। इस दौरे पर किम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से अगले दिन बुधवार, 13 सितंबर को मिले। दोनों लीडर्स अमूर ओब्लास्ट (Amur Oblast) के वोस्तोचनी कोस्मोड्रोम (Vostochny Cosmodrome) स्पेसपोर्ट में मिले। इसी दिन दोनों के बीच दो घंटे की मीटिंग भी हुई। इस मीटिंग में दोनों के बीच कई अहम विषयों पर बातचीत हुई। अमेरिका (United States Of America) की तरफ से पहले ही इस बात की जानकारी दे दी गई थी कि रूस इस मीटिंग में हथियारों की सप्लाई की बात कर सकता है क्योंकि यूक्रेन (Ukraine) के खिलाफ युद्ध में रूस के पास हथियारों की कमी हो रही है और नॉर्थ कोरिया उसकी मदद कर सकता है। पर क्या इस मीटिंग का नॉर्थ कोरिया को भी फायदा हो सकता है? आइए जानते हैं।


कैसे हो सकता है नॉर्थ कोरिया को फायदा?

मीटिंग से पहले किम ने पुतिन के साथ रूस का स्पेसपोर्ट देखा। स्पेसपोर्ट में रूस की स्पेस टेक्नोलॉजी से किम अवगत हुए। इसके साथ ही मीटिंग के बाद अगले दिन किम ने रूस के फाइटर जेट्स भी देखे। रूस के पास बेहतरीन स्पेस रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर है। वहीं नॉर्थ कोरिया इस मामले में उतना एडवांस्ड नहीं है। किम की लीडरशिप में नॉर्थ कोरिया स्पेस में सैटेलाइट लॉन्च करने की कोशिश कर चुका है, पर इसमें कामयाबी नहीं मिली। किम को स्पेस और रॉकेटरी में काफी दिलचस्पी भी है। ऐसे में रूस की मदद से नॉर्थ कोरिया स्पेस में सैटेलाइट के साथ ही रॉकेट भी लॉन्च कर सकता है।

नॉर्थ कोरिया में पावर और खाद्य सामग्री का संकट भी बढ़ रहा है। वहीं रूस पावर और अनाज के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। ऐसे में रूस की मदद से नॉर्थ कोरिया में पावर और खाद्य सामग्री का संकट भी दूर हो सकता है।


यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में फिर हुआ महंगाई का विस्फोट, पेट्रोल-डीज़ल की कीमत में ज़बरदस्त उछाल से जनता परेशान