
US-Israel-Iran War
US-Israel-Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान में बीच जारी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस को लेकर भारी संकट छाया हुआ है। अमेरिका और इजरायल रोजाना ईरान के शहरों को निशाना बना रहे है। दोनों देशों ने एक बार फिर ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला बोला है। स्थानीय मीडियाई खबरों के अनुसार, इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई है। रिहायशी इमारतों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, तेहरान के बहरेस्तान जिले को निशाना बनाकर किए गए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में 15 लोग मारे गए। इस हमले में कुछ लोग घायल भी हुए है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चार आवासीय इकाइयां पूरी तरह से नष्ट हो गईं और 40 से अधिक अन्य घरों और वाहनों को गंभीर नुकसान पहुंचा।
लेबनानी सशस्त्र समूह का कहना है कि उसके लड़ाकों ने इजरायली ठिकानों पर कई हमले किए हैं। हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने ऐनाता और मारौन अल-रस शहरों में कई स्थानों पर इजरायली सेना पर रॉकेटों से हमला किया। इसमें यह भी कहा गया है कि उसकी सेनाओं ने दक्षिणी लेबनान के रशाफ शहर में एक मर्कवा टैंक को मिसाइल से निशाना बनाया।
ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि एक गिरे हुए एयरमैन को बचाने के लिए अमेरिका का ऑपरेशन देश से एनरिच्ड यूरेनियम चुराने का एक बहाना हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि इस ऑपरेशन को लेकर कई सवाल और अनिश्चितताएं हैं।
बाकाई ने कहा कि जिस इलाके में अमेरिकी पायलट के मौजूद होने का दावा किया गया था (कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत) वह उस इलाके से काफी दूर है, जहां उन्होंने मध्य ईरान में अपनी सेना को उतारने की कोशिश की थी या उतारना चाहते थे। इस संभावना को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए कि यह एनरिच्ड यूरेनियम चुराने के लिए किया गया एक धोखा देने वाला ऑपरेशन था।
Updated on:
06 Apr 2026 04:30 pm
Published on:
06 Apr 2026 04:17 pm
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